India's first digital tribal museum in Chhattisgarh: India's first digital tribal museum in Chhattisgarh: यदि आपको बिना बस्तर, सरगुजा गये आदिवासी संस्कृति को देखना और समझना है, तो रायपुर आना पड़ेगा। यहां पर आप आदिवासी संस्कृति की बारीकियों और उसकी गहराई को बखूबी आसानी से समझ सकते हैं। आदिवासी संस्कृति का यह अनुपम, बेजोड़ और अद्भुत संगम है शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर (डिजिटल एआई तकनीक पर आधारित देश का पहला म्यूजियम)।
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आदिवासी वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल म्यूजियम
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा का सजीव प्रदर्शन शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय में देखने को मिलता है।
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14 थीम पर आधारित है यह म्यूजियम
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
यह एक ऐसा अद्वितीय सांस्कृतिक केंद्र है, जो आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से भारत के जनजातीय इतिहास को जीवंत करता है।
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आदिवासी संस्कृति का बेजोड़, मनमोहक मंच
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
संग्रहालय में आगंतुकों को जनजातीय विद्रोहों की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक झलकियाँ देखने को मिलती हैं,जिनमें हल्बा विद्रोह, पारलकोट आंदोलन, भूमकाल क्रांति तथा रानी चो-रिस आंदोलन जैसी उल्लेखनीय घटनाएं शामिल हैं।
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आदिवासियों के रहन-सहन को बयां करती तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
संग्रहालय में 1857 के क्रांतिकारी वीर शहीद वीर नारायण सिंह को विशेष श्रद्धांजलि दी गई है, साथ ही झाड़ा सिरहा जैसे अल्पज्ञात वीरों की शौर्यगाथा भी प्रदर्शित की गई है, जिन्होंने 1825 के पारलकोट आंदोलन का नेतृत्व किया था।