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कैंसर के लिए 'रामबाण' है ये चीज और दवाइयों से ज्यादा असरदार, जानिए कैसे?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:12 PM IST
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कैंसर के लिए रामबाण गाय का दूध
कैंसर जानलेवा है, पर एक चीज ऐसा 'रामबाण' है जो इस बीमारी से लड़ने की ताकत देती है। असर भी इतनी तेजी से होता है कि डॉक्टर की दवाई न कर पाए, देखिए।
दूध चेक
- फोटो : SELF
दरअसल, गाय के दूध में एक्सोसम्स की खोज हुई है, जो कैंसर की दवा को डिलीवर करने का जबरदस्त स्रोत है। इससे कैंसर की दवा नैनो तकनीक में तब्दील कर ज्यादा असरदार बन जाती है। पीयू में नैनो साईटेक में अमेरिका से आए प्रो. रमेश गुप्ता ने इस तकनीक का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल प्रशिक्षण हो चुका है। अब अगले कदम में दवा को सीधा शरीर के प्रभावित क्षेत्र पर असर करने के लिए काम किया जा रहा है।
milk
इसके अलावा जामुन और ब्लूबेरी का इस्तेमाल कर कैंसर की दवा बनाने पर काम किया जा रहा है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविले के प्रो. रमेश गुप्ता ने बताया एक रिसर्च में पाया गया कि दूध में एक्सोसम्स होता है, जो गाय के दूध में ज्यादा प्रभावी है। एक्सोसम्स ड्रग डिलीवरी का बेहतरीन जरिया है। किसी भी प्रकार के कैंसर की दवा को एक्सोसम्स के जरिए शरीर में डिलीवर किया जाए तो दवा ज्यादा असर करती है।
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दूध
चूंकि नैनो तकनीक से कैंसर के इलाज में बड़े स्तर पर रिसर्च चल रही है। उसी के तहत दूध के एक्सोसम्स को ड्रग डिलीवरी में इस्तेमाल करने पर काम किया गया। जो काफी असरदार पाया गया। हालांकि, यह तकनीक उस स्तर पर नहीं पहुंची की सीधे बीमारी की जड़ पर दवा पहुंचाई जा सके। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के प्रो. रूडनी जेवाई के मुताबिक नैनो तकनीक से बनी दवा, आम दवा के मुकाबले ज्यादा असरदार होती है। ये किसी बीमारी पर जल्दी और कई गुणा मात्रा में असर करती हैं।
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milk
- फोटो : getty images
गौरतलब है कि इससे पहले भी गाय का दूध पीने से कैंसर तक की बीमारी खत्म होने का दावा किया गया है, यह खुलासा हरियाणा के करनाल में मौजूद नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सिज (NBAGR) में हुए अभी तक के शोध में हुआ है। शोध में पता चला है कि वैचूर नस्ल की गाय के दूध में ए-2 बीटाकेसीन तो है ही, साथ ही इसके दूध में कैंसर जैसी घातक बीमारी से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी है।