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सैल्यूटः दिव्यांगता को मात देकर पैरा ओलंपिक का टिकट पाया, और अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भी खेलेगा

Mon, 04 Mar 2019 12:59 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जीरकपुर Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 04 Mar 2019 12:59 PM IST
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Success Story of Athlete Nishaad Kumar, Who Got Ticket of Para Olympic Games Tokyo
एथलीट निशाद कुमार
एथलीट के जज्बे को सलाम, जिसने दिव्यांगता को मात देकर पहले पैरा ओलंपिक का टिकट पाया और अब वह वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भी खेलने के लिए तैयार है। नौजवान ने ठान लिया थी कि कुछ करना है, लेकिन कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। कहीं न कहीं उसकी दिव्यांगता उसके मकसद के आड़े आ रही थी। जब कहीं सफलता नहीं मिली तो हारकर दिव्यांगता को ही उसने लक्ष्य साधने वाला अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और एथलेटिक गेम्स को मंजिल।
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महज डेढ़ साल के अथक परिश्रम की बदौलत 20 वर्षीय निशाद कुमार ने न सिर्फ वर्ल्ड लेवल पर स्वर्ण पदक जीता, बल्कि 2020 में टोकियो में होने वाले पैरा ओलंपिक के लिए चयनित भी हो गया। इस नेक काम में उसकी मदद की ढकोली के पाइनहोम्स निवासी एथलेटिक कोच नसीम अहमद ने। कोच न सिर्फ निशाद का कैरियर सवार रहे हैं, बल्कि उसे एक विश्व स्तर का बेस्ट एथलीट भी तैयार कर रहे हैं। निशाद कुमार मूल रूप से हिमाचल के ऊना जिले के रहने वाले हैं।
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जापान को हरा भारत के निशाद ने जीता सोना
दुबई में 20-28 फरवरी 2018 को हुई वर्ल्ड ग्रैंड पिक्स पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में जापान के खिलाड़ी को हराकर भारत के निशाद कुमार ने स्वर्ण पदक जीत लिया। इसमें भारत के निशाद ने 1.92 मीटर जंप लगाई जबकि जापान के खिलाड़ी ने 1.85 मीटर। इसके लिए ईनाम के तौर पर निशाद कुमार को 32 हजार रुपये मिले हैं।
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वर्ल्ड रैंकिंग में चौथा स्थान

निशाद कुमार वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं। अभी वह पंचकूला सेक्टर-3 ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में नवंबर 2020 में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे हैं। दस साल पहले निशाद का दाहीना हाथ घास काटने वाली मशीन में आकर कट गया था। उसके पिता रसपाल सिंह लेबर का काम करते हैं। निशाद ने बताया कि घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चल पाता है। गरीबी को बहुत नजदीक से देखा। घर से निकला हूं, कुछ बनकर ही जाऊंगा। अभी रोजाना कोच नसीम के पास तीन से चार घंटे प्रैक्टिस कर रहा हूं।

पंचकूला में हाई जंप पिट होती तो अपना बेस्ट देता
पिछले दो साल से पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हाई जंप पिट नहीं है। इसलिए निशाद अपनी बेस्ट परफार्मेंस नहीं दे पाया। कोच ने बताया कि दुबई में होने वाली वर्ल्ड ग्रैंड पिक्स पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप के लिए निशाद ने 1.94 मीटर जंप लगाया था, क्योंकि वहां इसे हाई जंप पिट पर प्रैक्टिस करने का कुछ दिन मौका मिला। अगर ये सुविधा यहां होती तो वह 1.98 मीटर जंप लगाकर आया होता। कोच नसीम ने बताया कि अब इसे ऐसी ट्रेनिंग दे रहा हूं, कि पैरा ओलंपिक में दो मीटर से अधिक जंप लगाकर मेडल लाएगा। वहीं 2018 में नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में निशाद कुमार ने 1.83 मीटर जंप लगाकर सिल्वर मेडल हासिल किया था।
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