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आसमान से देश के दुश्मनों पर नजर रखेगी यमुनानगर की बेटी, तस्वीरें
गुरदीप सिंह सोढी/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Sun, 05 Jun 2016 07:24 PM IST
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भारतीय नौसना की पायलट ऑब्जर्वर शिवानी पंसल
- फोटो : अमर उजाला
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यमुनानगर की बेटी शिवानी पंसल जल्द ही आसमान से देश के दुश्मनों पर नजर रखेगी। जरूरत पड़ने पर दुश्मन के एयर क्राफ्ट और मिसाइल को निशाना भी बनाएगी। तस्वीरें।
भारतीय नौसना की पायलट ऑब्जर्वर शिवानी पंसल
- फोटो : अमर उजाला
यमुनानगर जिले के बहरामपुर गांव की शिवानी इंडियन नेवी में पायलट ऑब्जर्वर बन गई है। हाल ही में वह आईएनए केरल में छह महीने की ट्रेनिंग पूरी कर लौटी है। उसकी पोस्टिंग गुजरात के जामनगर में हुई है। इंडियन नेवी में उसकी रैंक डेयर डेविल स्कवाड्रन में सब लेफ्टिनेंट की है। शिवानी की इस उपलब्धि से परिवार व पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
भारतीय नौसना की पायलट ऑब्जर्वर शिवानी पंसल
- फोटो : अमर उजाला
शिवानी ने बताया कि इंडियन नेवी की फ्लाइंग ब्रांच में पायलट ऑब्जर्वर का काम चोपर व फाइटर प्लेन से नेवीगेशन कंट्रोलिंग के अलावा सब मरीन, मिसाइल, शिप व एयर क्राफ्ट डिडेक्शन करना है। जरूरत पड़ने पर मिसाइल लांचिंग भी करते हैं। पायलट ऑब्जर्वर प्रतिदिन पांच से आठ घंटे आसमान में बिताते हैं। इस दौरान रडार व सोनार से जमीन व आसमान पर पूरी नजर रखते हैं।
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भारतीय नौसना की पायलट ऑब्जर्वर शिवानी पंसल
- फोटो : अमर उजाला
पायलट ऑब्जर्वर बनने के लिए शिवानी ने ट्रेनिंग से पहले एसएसबी क्लीयर किया। इसमें पूरे देश से 300 लड़कियां शामिल हुई थी, जिनमें से मात्र तीन सलेक्ट हुई थी। शिवानी के पिता लक्ष्मण सिंह शहीद नवीन वैद्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माडल टाउन में इंग्लिश के लेक्चरर हैं और दादा भाग सिंह किसान हैं। शिवानी ने स्कूली शिक्षा सरस्वती पब्लिक स्कूल, जगाधरी में की।
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भारतीय नौसना की पायलट ऑब्जर्वर शिवानी पंसल
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद महर्षि वेद व्यास इंजीनियरिंग कॉलेज, जगाधरी से बीटेक किया। शिवानी की मां किरण बाला कहतीं हैं कि बेटियां भी मां-बाप का नाम रोशन कर सकती हैं। जो लोग बेटियों को गर्भ में ही मार देते हैं, उन्हें यह बात समझनी चाहिए। बड़ा भाई संचित व बहन दीपाली भी शिवानी के पायलट बनने से काफी खुश हैं। शिवानी कल्पना चावला को अपना आदर्श मानती हैं।