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30 सितंबर तक बढ़ सकती है इस सरकारी योजना की डेडलाइन, छह चरणों में उठाएं लाभ

Sat, 02 May 2020 11:50 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sat, 02 May 2020 11:50 AM IST
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government may increase deadline of Vivad Se Vishwas Yojana for taxpayers
सांकेतिक तस्वीर

वैसे तो जनता के लिए कई सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इन योजनाओं में से एक स्कीम ऐसी भी है जिससे करदाताओं का काफी लाभ मिल रहा है। कानूनी विवादों में फंसे लाखों कर मामलों से न सिर्फ करदाता वर्षों से मानसिक तनाव झेल रहे हैं, बल्कि सरकार का भी करोड़ों रुपये का राजस्व फंसा हुआ है। ऐसे मामलों का तेजी से निपटान करने के लिए सरकार ने बजट 2020-21 में विवाद से विश्वास योजना का प्रस्ताव पेश किया था। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहत देते हुए इस स्कीम की आखिरी तारीख 30 जून 2020 तक बढ़ा दी थी। अब सरकार विवाद से विश्वास योजना का दायरा 30 सितंबर तक बढ़ा सकती है। आगे जानते हैं आप इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं। इसपर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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सांकेतिक तस्वीर

छह चरणों में पूरा होगा काम   

  • करदाता विवाद से विश्वास डेक्लेरेशन फॉर्म में सभी जरूरी जानकारियां भरकर फोरम में जमा कराएं।
  • आयकर विभाग की ओर से 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा, जिसमें योजना के तहत कुल देय राशि का खुलासा होगा।
  • करदाता को प्रमाण पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर उसमें बताई राशि जमा करानी होगी। 
  • इसकी जानकारी एक तय फॉर्म में भरकर वापस आयकर विभाग के साथ साझा करनी होगी। 
  • इसके बाद करदाता को भुगतान किए जाने से संबंधित एक आदेश जारी कर दिया जाएगा। 
  • यह आदेश पूरी तरह निर्णात्मक होगा और इसे देश या विदेश की किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।
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सांकेतिक तस्वीर

ऐसे करदाताओं को नहीं मिलेगी राहत
सरकार ने योजना में स्पष्ट किया है जिस आय का खुलासा नहीं किया गया अथवा जो संपत्ति भारत से बाहर स्थित है, उन पर चल रहे कर विवादों में इससे कोई राहत नहीं मिलेगी। इसके अलावा जिन मामलों में किसी निश्चित आकलन वर्ष के लिए फोरम या कोर्ट पहले ही फैसला सुना चुका है। उन्हें भी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा। साथ ही जिन लोगों के खिलाफ स्मगलिंग जैसे मामलों में हिरासत या गिरफ्तारी के आदेश जारी हो चुके हैं अथवा बेनामी संपत्ति के हस्तांतरण, धनशोधन, ड्रग्स या गैरकानूनी मामलों में कोई आदेश जारी किया गया है, उन्हें भी योजना के तहत शामिल नहीं किया जाएगा। 

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4.78 लाख आयकर अपील लंबित
कुछ समय पहले सरकार ने लोकसभा में कहा था कि वित्त वर्ष 2018-19 के अंत तक न्यायिक प्रणाली में विभिन्न स्तरों पर आयकर से जुड़ी लगभग 4.78 लाख याचिकाएं लंबित हैं। एक प्रश्न के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014-15 में आयकर से जुड़ी लगभग 3.75 लाख अपील लंबित थीं, जिनकी संख्या 2018-19 तक बढ़कर 4.78 लाख तक पहुंच गईं।

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