यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे कई सेवाएं देती है। लेकिन इस बार रेलवे एक नई व्यवस्था की शुरुआत करने वाली है, जिसके तहत सफर के दौरान यात्रियों को उनकी पसंद का खाना मिलेगा। रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई पहल की है, जिसका नाम है 'खुशियों की डिलीवरी।' आइए जानते हैं इस खास सुविधा के बारे में।
यात्रियों के लिए खुशखबरी, भारतीय रेलवे की इस नई पहल से आपको होगा फायदा
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भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन ( IRCTC ) अपने मौजूदा कैटरिंग सिस्टम को रिब्रैंड करने की कोशिश कर रही है, जिसके तहत आईआरसीटीसी ने 700 फूड वेंडर के साथ करार किया है, जिनके माध्यम से यात्रियों को करीब 350 रेलवे स्टेशनों पर उनके मनपसंद खाने की डिलीवरी मिलेगी। इन 350 रेलवे स्टेशनों का चयन इस प्रकार हुआ है कि इनसे गुजरने वाली लगभग सभी ट्रेनें और रेलवे रूट कवर हो जाएं और ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका फायदा उठा सकें। अगली स्लाइड में जानते हैं इसके बारे में।
आईआरसीटीसी की इस योजना के तहत यात्री सफर के दौरान सबवे, डोमिनॉज पिज्जा, बिरयानी ब्लूज, हल्दीराम्स, फासोस, निरुलाज और सरवाना भवन सहित कई जगहों से खाना ऑर्डर कर सकेंगे।
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ई-कैटरिंग के माध्यम से ज्याद मिल रहे फूड ऑर्डर
बता दें कि आईआरसीटीसी को हर माह करीब 21,000 फूड ऑर्डर ई-कैटरिंग के माध्यम से मिलते हैं। एक से डेढ़ साल पहले तक की बात करें, तो तब आईआरसीटीसी को आठ हजार फूड ऑर्डर ही ई-कैटरिंग के माध्यम से मिलते थे। प्रत्येक ऑर्डर पर आईआरसीटीसी को 12 फीसदी कमीशन मिलता है।
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बीते सालों में आईआरसीटीसी ने कई सुधार किए हैं। किचन को सीसीटीवी से मॉनीटर करना इनमें से एक है। इसके अतिरिक्त ट्रेन में जो खाना मिलता है, अब उसमें क्यूआर कोड भी होता है। इस कोड को स्कैन कर यात्री बेस किचन को लाइव देख सकते हैं।