फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Budget 2023: संसद भवन में इस बार बजट भाषण में नहीं लगा शायरियों का तड़का; पढ़ें इससे जुड़े कुछ अहम किस्से

Wed, 01 Feb 2023 01:23 PM IST
शिव शरण शुक्ला बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 01 Feb 2023 01:23 PM IST
सार

हर साल पेश होने वाले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्रियों के भाषण आम जनता को समझने के लिहाज से काफी बोरिंग होते हैं, इसका कारण भाषण में प्रयोग होने वाली जटिल आर्थिक शब्दावली है, लेकिन हमारे तमाम दफा वित्त मंत्रियों ने अपने बजट भाषण को कविता और शेर-ओ-शायरी से रंगीन बनाने की भी कोशिश की है। आइए देखते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन से मंत्री शुमार हैं...

विज्ञापन
Budget 2023: when finance ministers read poems shayari During budget speech nirmala sitharaman manmohan singh
Nirmala Sitharaman - फोटो : Amar Ujala

'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती....'। कुछ ऐसी ही शायरियां और कविताएं ज्यादातर आपने किसी महफिल या फिर दोस्तों के बीच सुनी होंगी। अब आप सोच रहे होंगे कि आज हम खबरें छोड़कर आपको शायरियां क्यों सुना रहे हैं। दरअसल हम आपको शायरी नहीं सुना रहे, बल्कि यह बता रहे हैं कि पिछले कुछ सालों में बजट का अंदाज भी शायराना हो चला है। बजट का जिक्र आते ही घंटों तक चलने वाला उबाऊ भाषण और ढेर सारे आंकड़े ही नजर आते हैं। इस नीरसता को तोड़ने के लिए कई बार वित्त मंत्रियों ने शायरियों और कविताओं का सहारा लिया है। हालांकि बीते कई सालों के दौरान करीबन परंपरा बन चुकी इस कवायद को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नहीं दोहराया। चलिए आपको बताते हैं कि बजट पेश करते-करते कब-कब मंत्रियों का अंदाज शायराना हो चला...

Budget 2023: when finance ministers read poems shayari During budget speech nirmala sitharaman manmohan singh
मनमोहन सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

मनमोहन सिंह कर देते थे वाह-वाह करने पर मजबूर
बेहद कम बोलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जब देश के वित्त मंत्री हुआ करते थे, तब वह भी अपनी शानदार शेरो-शायरी से वाह-वाह करने पर मजबूर कर देते थे। साल 1991-92 में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह  ने बजट पेश करने के दौरान एक शेर के जरिए भारत की एतिहासिकता और किसी भी परिस्थति का डटकर मुकाबला करने की भावना को बताया था। उन्होंने कहा था-'यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोमा सब मिट गए जहां से, अब तक मगर है बाकी नामोनिशान हमारा।'

इसके बाद अगले साल 1992-93 में उन्होंने सदन में पढ़ा 'तारीखों में ऐसे भी मंजर हमने देखे हैं, कि लम्हों ने खता की थी,और सदियों ने सजा पाई।'

Budget 2023: when finance ministers read poems shayari During budget speech nirmala sitharaman manmohan singh
यशवंत सिन्हा
यशवंत सिन्हा शेर के जरिए कह देते थे गंभीर बात
'तकाजा है वक्त का की तूफान से जूझो, कहां तक चलोगे किनारे-किनारे।'
2001 में बजट पेश करने के दौरान अपनी बात को समझाने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सदन में ये लाइन पढ़ी थी।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Budget 2023: when finance ministers read poems shayari During budget speech nirmala sitharaman manmohan singh
ममता बनर्जी(फाइल) - फोटो : PTI

ममता बनर्जी ने अकबर इलाहाबादी को किया था याद
याद कीजिए साल 2011-12 का रेल बजट जब तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी थीं। तब उन्होंने अकबर इलाहाबादी का शेर 'हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता....' बजट सत्र के दौरान पढ़कर संसद भवन में सुनाया था। 

विज्ञापन
Budget 2023: when finance ministers read poems shayari During budget speech nirmala sitharaman manmohan singh
अरुण जेटली

अरुण जेटली हुए थे शायराना
दिवंगत वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी शेरो-शायरी के जरिए अपनी कड़ी से कड़ी बात भी बेहद मिठास के साथ कहने में महारत हासिल थी। साल 2016 के बजट के दौरान अरूण जेटली ने अपने बजट भाषण में एक उर्दू नज्म पढ़ी थी। उन्होंने कहा था - ‘कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें, लहर लहर तूफान मिलें और मौज-मौज मझधार हमें, फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको, इन हालातों में आता है दरिया करना पार हमें।’ इस नज्म के जरिए उन्होंने ना केवल विपक्षियों पर करारा हमला किया था बल्कि मोदी सरकार के सामने खड़ी चुनौतियों से सदन को रूबरू भी कराया था। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed