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छह महीने EMI नहीं चुकाने से ग्राहक को लगेगा दोहरा झटका

Tue, 26 May 2020 06:06 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 26 May 2020 06:06 AM IST
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Bank Customer will suffer double shock for not paying EMI for six months, Reserve Bank of India, RBI, SBI
सांकेतिक तस्वीर

आरबीआई ने लॉकडाउन और कोरोना महामारी से प्रभावित कर्जधारकों को राहत देने के लिए ईएमआई चुकाने में 6 महीने की रियायत दी है। एक नजर में तो यह घोषणा काफी सहूलियत वाली दिखती है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस अवधि में कर्ज पर ब्याज चलता रहेगा जिससे आने वाले समय में कर्जधारकों को दोहरा झटका लग सकता है। यही कारण है कि रियायत के पहले दौर में एसबीआई के महज 20 फीसदी ग्राहकों ने ही विकल्प चुना था।

Bank Customer will suffer double shock for not paying EMI for six months, Reserve Bank of India, RBI, SBI
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social
कर्ज लेने की क्षमता पर हो सकता है असर
बैंकिंग मामलों के जानकारों का कहना है कि वैसे तो ईएमआई नहीं चुकाने का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों का कर्ज एनपीए के दायरे में नहीं आता और न ही उनके सिबिल पर कोई असर पड़ेगा। बावजूद इसके अगले एक साल तक उनकी कर्ज लेने की क्षमता पर इसका असर पड़ना तय है। 
Bank Customer will suffer double shock for not paying EMI for six months, Reserve Bank of India, RBI, SBI
loan
बैंक कर्ज देने में सतर्कता बरतेंगे 
बैंक ऐसे ग्राहकों को कर्ज देने में काफी सतर्कता बरतेंगे और उन्हें ईएमआई आधारित नया कर्ज देने या उनके कर्ज की लिमिट बढ़ाने से हिचकिचाएंगे। कई बैंक अधिकारियों का कहना है कि रियायत अवधि बीतने के बाद ऐसे ग्राहकों के कुल ईएमआई चुकाने की क्षमता पर संशय है। साथ ही बिजनेस लोन लेने वाले ग्राहकों के कारोबार की स्थिरता पर अगले कुछ वर्षों पर अनिश्चितता बनी रहेगी।
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ईएमआई की राशि या अवधि में इजाफा

Bank Customer will suffer double shock for not paying EMI for six months, Reserve Bank of India, RBI, SBI
मनी - फोटो : pixabay

बैंक की ओर से ईएमआई रियायत का लाभ उठाने वाले ग्राहकों को भुगतान के लिए तीन विकल्प दिए जा सकते हैं।

  • 1- रियायत खत्म होने पर इन छह महीने का कुुल जितना ब्याज होगा, उसका एकमुश्त भुगतान करना पड़ेगा।
  • 2- कुल ब्याज को बकाया लोन में जोड़ दिया जाएगा और इसी के हिसाब से लोन चुकाने की शेष अवधि में ईएमआई की बढ़ी राशि का भुगतान करना होगा।
  • 3- कुल ब्याज को लोन की बकाया रकम में जोड़ दिया जाएगा और ईएमआई की राशि तो पहले जितनी ही होगी, लेकिन लोन चुकाने की अवधि बढ़ा दी जाएगी।
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Bank Customer will suffer double shock for not paying EMI for six months, Reserve Bank of India, RBI, SBI
मनी - फोटो : pixabay

ब्याज पर भी देना पड़ सकता है ब्याज
राहतों की घोषणा के दौरान आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने स्पष्ट कहा है कि ईएमआई भुगतान में मिली छूट की अवधि का ब्याज ग्राहक को चुकाना होगा। बैंक इस ब्याज को अलग टर्म लोन के रूप में बदल सकते हैं, जिससे पहले से चल रहे लोन की ईएमआई में कोई बदलाव न हो।

अगर बैंक इस सुझाव का पालन करते हैं, तो ग्राहक को टर्म लोन नियमों के तहत बकाया ब्याज पर भी ब्याज चुकाना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि अगर किसी की 20 हजार की ईएमआई में 13 हजार रुपये का ब्याज शामिल है और वह छह महीने रियायत का विकल्प चुनता है। तो, उसे 78 हजार रुपये के कुल ब्याज पर अलग से ब्याज चुकाना पड़ सकता है।

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