{"_id":"5efacce38ebc3e431a3b24e8","slug":"agra-news-only-fifty-percent-business-in-a-month-of-unlock-first-phase","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अनलॉक-1 के एक माह में कारोबार ने नहीं पकड़ी रफ्तार, ऐसा रहा आगरा के बाजार का हाल","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
अनलॉक-1 के एक माह में कारोबार ने नहीं पकड़ी रफ्तार, ऐसा रहा आगरा के बाजार का हाल
Tue, 30 Jun 2020 10:56 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 30 Jun 2020 10:56 AM IST
विज्ञापन
लोहामंडी बाजार में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अनलॉक-1 को मंगलवार को एक माह पूरा हो गया। कोरोना संक्रमण से जूझ रही ताजनगरी में ऑड-ईवन फार्मूले के साथ खोले गए बाजारों में एक महीने के दौरान कुल मिलाकर कारोबार 50 फीसदी ही रेंग पाया। जूता, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल में पिछले साल जून के मुकाबले गिरावट रही। हालांकि सहालग के कारण सोने में चमक आई।
जूते की दुकान
- फोटो : अमर उजाला
जूता : 4500 कारखाने खुले ही नहीं
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पांच फीसदी भी कारोबार नहीं रह गया है। अकेले जून में ही 2019 में 100 करोड़ का कारोबार था। 5000 में से 4500 कारखाने खुल ही नहीं पाए हैं। डिमांड ही नहीं है बाजार में। इसकी एक वजह यह भी है कि दुकानें एक दिन छोड़कर खोली जा रही हैं। इस कारण डिमांड नहीं बन पा रही है। ऑड-ईवन की शर्त से भी नुकसान हो रहा है। 2.5 लाख कारीगर बेरोजगार हो गए हैं।
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में पांच फीसदी भी कारोबार नहीं रह गया है। अकेले जून में ही 2019 में 100 करोड़ का कारोबार था। 5000 में से 4500 कारखाने खुल ही नहीं पाए हैं। डिमांड ही नहीं है बाजार में। इसकी एक वजह यह भी है कि दुकानें एक दिन छोड़कर खोली जा रही हैं। इस कारण डिमांड नहीं बन पा रही है। ऑड-ईवन की शर्त से भी नुकसान हो रहा है। 2.5 लाख कारीगर बेरोजगार हो गए हैं।
कपड़ा बाजार
- फोटो : अमर उजाला
कपड़ा : 20 करोड़ का कारोबार था, अब 5 करोड़ भी नहीं
आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि शहर में टेक्सटाइल और रेडीमेड की करीब 5000 दुकानें हैं। पिछले साल जून में लगभग 20 करोड़ का कारोबार था। इस बार 5 करोड़ भी नहीं है। बाजारों में भीड़ तो है लेकिन इसमें खरीददार कम हैं। शादी समारोह की बंदिशों के कारण महंगे कपड़े नहीं बिक रहे।
आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि शहर में टेक्सटाइल और रेडीमेड की करीब 5000 दुकानें हैं। पिछले साल जून में लगभग 20 करोड़ का कारोबार था। इस बार 5 करोड़ भी नहीं है। बाजारों में भीड़ तो है लेकिन इसमें खरीददार कम हैं। शादी समारोह की बंदिशों के कारण महंगे कपड़े नहीं बिक रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
फाइल
- फोटो : अमर उजाला
ऑटोमोबाइल : 4500 वाहन बिके, 25 फीसदी की गिरावट
ऑटोमोबाइल डीलर्स असोसिएशन के संस्थापक मयंक बंसल ने बताया कि जून में बीते वर्ष की तुलना में 25 फीसदी की गिरावट है। करीब 4500 दोपहिया और चारपहिया वाहन की बिक्री हो चुकी है। पिछले साल ये आंकड़ा करीब 5500 का था। स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है। लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने से बच रहे हैं। इस कारण अपने वाहन खरीद रहे हैं।
ऑटोमोबाइल डीलर्स असोसिएशन के संस्थापक मयंक बंसल ने बताया कि जून में बीते वर्ष की तुलना में 25 फीसदी की गिरावट है। करीब 4500 दोपहिया और चारपहिया वाहन की बिक्री हो चुकी है। पिछले साल ये आंकड़ा करीब 5500 का था। स्थिति धीरे धीरे सुधर रही है। लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट से सफर करने से बच रहे हैं। इस कारण अपने वाहन खरीद रहे हैं।
विज्ञापन
आगरा का सराफा बाजार
- फोटो : अमर उजाला
सराफा : सहालग के कारण डेढ़ गुना कारोबार
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि कारोबार पिछले साल से बेहतर रहा है क्योंकि लॉकडाउन में लंबे समय काम बंद रहा। इधर सहालग भी था। 2019 जून में 100 करोड़ का कारोबार था। इस माह 150 करोड़ रुपये का कारोबार है। लोग सोना और चांदी में निवेश भी कर रहे हैं।
आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने बताया कि कारोबार पिछले साल से बेहतर रहा है क्योंकि लॉकडाउन में लंबे समय काम बंद रहा। इधर सहालग भी था। 2019 जून में 100 करोड़ का कारोबार था। इस माह 150 करोड़ रुपये का कारोबार है। लोग सोना और चांदी में निवेश भी कर रहे हैं।