फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

55 साल की बेबे, जिसके दिमाग के आगे कंप्यूटर की स्पीड कुछ भी नहीं

Fri, 18 May 2018 09:33 AM IST
लखवीर सिंह लक्की/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब(पंजाब)
लखवीर सिंह लक्की/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब(पंजाब) Updated Fri, 18 May 2018 09:33 AM IST
विज्ञापन
chandigarh, google bebe kulwant kaur like google boy kautilaya
गूगल बेबे कुलवंत कौर
हम आपको मिला रहे हैं एक ऐसी महिला से, जिसके दिमाग के आगे कंप्यूटर की स्पीड कुछ भी नहीं। इसके बारे में जानकार हैरान रह जाएंगे।
chandigarh, google bebe kulwant kaur like google boy kautilaya
गूगल बेबे कुलवंत कौर
पंजाब में जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव मनैला निवासी एक साधारण जमींदार परिवार की 55 वर्षीय महिला कुलवंत कौर गूगल इंजन की तरह हर सवाल का तुरंत जवाब देती हैं। इलाके के लोग उन्हें गूगल बेबे के नाम से पुकारते हैं। कब, किसने, किस तरह, कब तक भारत पर हमला और राज किया गूगल बेबे के पास तमाम जानकारियां टिप्स पर हैं। यहीं बस नहीं यहूदी, ईसाई, इस्लाम, बोधी, हिंदू और सिख आदि धर्म गुरुओं, उनके माता-पिता उनकी शिक्षाओं लिखित वाणियों, उपदेशों आदि की जानकारी भी टिप्स पर रखती हैं।
chandigarh, google bebe kulwant kaur like google boy kautilaya
गूगल बेबे कुलवंत कौर
इसके अलावा भारतीय इतिहास में आर्य लोगों का आगमन, भारत पर पहला हमला करने वाले मोहम्मद बिन काजम तथा भारत पर 17 हमले करने वाले महमूद गजनवी, बुध धर्म के बुत तहस नहस करने वाले अलाउद्दीन खिलजी, यूनान के सिकंदर पोरस के हमले रोकने वाले चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक सम्राट समेत महाराजा रणजीत सिंह, जस्सा सिंह रामगढ़िया, जस्सा सिंह आहलूवालिया समेत कई राजा महाराजा के जीवनकाल व उनके पारिवारिक सदस्यों का इतिहास गूगल बेबे के दिमाग में मौजूद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
chandigarh, google bebe kulwant kaur like google boy kautilaya
गूगल बेबे कुलवंत कौर
इस तरह मिला धर्म अध्ययन का ज्ञान
पिता प्रीतम सिंह का जन्म लाहौर पाकिस्तान में हुआ था। वह इंजीनियर थे और काम के सिलसिले में आगरा आए थे। कुलवंत कौर का जन्म भी आगरा में हुआ, वहीं से उन्होंने चौथी कक्षा तक पढ़ाई की। लेकिन पारिवारिक मजबूरी के कारण आगे नहीं पढ़ पाईं। गूगल बेबे ने बताया कि बचपन में जब वह आगरा में रहती थी तो उनके घर कपड़ा व्यापारी राम लाल (डग्गी वाले) आता था और उसके पिता से घंटों बैठकर हर धर्म के बारे में बातें करता था। वह सभी बहन भाई बातचीत करते हुए अपने पिता जी और डग्गी वाले अंकल के पास बैठकर उनकी बातें सुना करते थे। यही बातें उनकी जहन में बस गई।
विज्ञापन
chandigarh, google bebe kulwant kaur like google boy kautilaya
BOOKS
इन किताबों को पढ़ा
गूगल बेबे ने बताया कि उसने अब तक हिस्टरी ऑफ इंडिया, हिस्टरी ऑफ पंजाब, डिस्कवरी ऑफ इंडिया, डिस्कवरी ऑफ पंजाब समेत धर्म अध्ययन के लिटरेचर को करीब 22 साल पढ़ा जो किताब एक बार पढ़ी गई उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी। गूगल बेबे के घर में बनाई गई छोटी सी लाइब्रेरी में बाबा बंदा सिंह बहादुर की दो किताबें, सिख मिशनरी की 4, सिख रसाले-2, 4 लेखकों व खोजकारों की किताबें समेत पत्रकार खुशवंत सिंह, कुलदीप नैय्यर, दीवान वरिंदर नाथ आदि की किताबें हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed