सामान्य तौर पर गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग का पता करने के लिए सोनोग्राफी का सहारा लिया जाता है, लेकिन ये कानूनी तौर पर अपराध है। तकनीकी काफी तेजी से विकास कर रही है पर झारखंड में एक ऐसा इलाका है जहां प्राचनी पंरपरा निभाई जाती है और परंपरा ऐसी की जिसके बारे में जानकर आप दांतों तले उंगली दबा सकते हैं। झारखंड के लोहरदगा स्थित खुखरा गांव में एक ऐसी पहाड़ी भी है जो गर्भ में पल रहे नवजात लड़का है या लड़की इस बारे में बता देती है।
एक ऐसी पहाड़ी, जहां पत्थर फेंकने से पता चलता है पेट में लड़का है या लड़की
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Sun, 08 Sep 2019 02:28 PM IST
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