आमतौर पर मंदिरों में चप्पल, जूता या सैंडल पहनकर जाने की मनाही होती है, लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है जहां मां दुर्गा को चप्पल और सैंडल चढ़ाए जाते हैं। यह सुनकर आपको आश्चर्य तो जरूर हो रहा होगा, लेकिन यह बिल्कुल सच है। इसके पीछे की कहानी ऐसी है जो आपको हैरान कर देगी।
2 of 6
जीजीबाई मंदिर, भोपाल
- फोटो : travel.vibrant4.com
यह मंदिर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है। कोलार इलाके में एक छोटी सी पहाड़ी पर बने इस मंदिर को मां दुर्गा का सिद्धदात्री पहाड़ावाला मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर को लोग जीजीबाई मंदिर के नाम से भी जानते हैं।
3 of 6
जीजीबाई मंदिर, भोपाल
- फोटो : Social media
दरअसल, इस मंदिर में लोग मन्नतें मांगने आते हैं और पूरी होने के बाद माता को नई चप्पल चढ़ाते हैं। चप्पल के साथ-साथ गर्मियों में मां दुर्गा को चश्मा, टोपी और घड़ी भी चढ़ाई जाती हैं। यह अनोखी परंपरा करीब 20 सालों से चली आ रही है।
4 of 6
शिव पार्वती
- फोटो : Social media
इस मंदिर में माता को चप्पल चढ़ाने के पीछे कहानी यह है कि ओम प्रकाश महाराज नाम के एक शख्स ने यहां मूर्ति स्थापना के साथ शिव-पार्वती विवाह कराया था और खुद कन्यादान किया था। तब से वे मां सिद्धदात्री को अपनी बेटी मानकर पूजा करते हैं और आम लोगों की तरह बेटी की हर इच्छा को पूरी करते हैं।
5 of 6
maa durga
- फोटो : File photo
ओम प्रकाश महाराज एक बेटी की तरह दुर्गा जी की देखभाल करते हैं। वो बताते हैं कि कई बार उन्हें आभास होता है कि मां दुर्गा उन्हें पहनाए गए कपड़ों से खुश नहीं हैं तो दो-तीन घंटों में ही उनके कपड़े बदलने पड़ते हैं।