Alien News: दुनियाभर में समय-समय पर एलियन को लेकर चर्चा होती रहती है। वैज्ञानिक सालों से परग्रही जीवन की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। इसके बावजूद आए दिन लोग एलियन को लेकर कई तरह का दावा करते हैं। अब इस बीच एक यूएफओ कैंपेनर ने चौंकाने वाला दावा किया है, जिनका नाम स्टीव बैसेट है। उनका दावा है कि कैथोलिक चर्च को यूएफओ के बारे में जानकारी थी, जिसे लंबे समय तक छिपाया गया। उन्होंने आगे कहा कि अगर जांच की जाती है, तो उनके अभिलेखागार में छिपे साक्ष्यों का दस्तावेजीकरण मिल जाएगा।
Alien News: यूएफओ कैंपेनर का चौंकाने वाला दावा, मिली थी 10 एलियंस की लाश, चर्च और पोप ने छिपाई जानकारी
बीते साल पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी डेविड ग्रुश ने एलियंस के जीवन को लेकर कई दावे किए थे। अब इन दावों के बाद स्टीव बैसेट ने यह टिप्पणी की है। ग्रुश का दावा था कि अमेरिका के पास यूएफओ के पूरी तरह बरकरार टुकड़े हैं। स्टीव ने यह भी दावा किया कि इटली ने 1933 में मुसोलिनी के शासनकाल के समय उन यूएफओ में से एक को खोजा था। बैसेट ने कहा कि ग्रुश के आश्चर्यजनक दावों ने कई लोगों को हैरत में डाल दिया, जिन्होंने इस कहानी के बारे में कभी नहीं सुना था। अभी तक के मामूली सबूत हैं और दावों की जांच की जरूरत होगी।
अमेरिका को पहले है जानकारी
स्टीव ने कहा कि जांच की जाती है, तो यह पता चल जाएगा कि अमेरिका की सरकार को 1947 की प्रसिद्ध रोसवेल घटना से बहुत पहले ही एलियंस के बारे में जानकारी थी। अब विशेषज्ञ वेटिकन अपोस्टोलिक अभिलेखागार तक पहुंचने और जानकारी को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें दावों को साबित करने के लिए 50 मील और हजारों साल के रिकॉर्ड की खोज करने के लिए चर्च के सर्वोच्च शासी निकाय होली सी से प्रवेश की इजाजत चाहिए।
बैसेट का कहना है कि आखिरकार चर्च शोधकर्ताओं को अंदर जाने की इजाजत देगा, लेकिन तभी होगा जब अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से औपचारिक रूप से एलियंस के अस्तित्व का खुलासा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रूश के दावे को लेकर कुछ सवाल खड़े हुए हैं। सवाल यह है कि वास्तव में इसे किसने पाया? वह क्या प्रक्रिया थी जिसके जरिए यह हमारे पास पहुंचा और कैथोलिक चर्च की इसमें क्या भूमिका थी?
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अमेरिकन कॉस्मिक: यूएफओ, धर्म, प्रौद्योगिकी किताब की लेखिका प्रोफेसर डायना वाल्श पासुल्का का कहना है कि वेटिकन अभिलेखागार अलौकिक घटनाओं की रिपोर्ट से भरे हैं, उदाहरण के तौर पर नन को चमकते हुए गोले दिखाई देना। ऐतिहासिक रिकॉर्ड ऐसी घटनाओं से भरा पड़ा है। वेटिकन अपने अभिलेखागार को डिजिटल बनाने की प्रयास कर रहा है। इसकी वजह से वे अलौकिक घटनाओं को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। 1800 के दशक में ननों को परेशान करने वाली गोलाकार वस्तुओं को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। प्रोफेसर डायना वाल्श पासुल्का ने