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Thomas A Edison: मां के एक झूठ ने ‘मूर्ख’ एडिशन को बनाया सदी का महान वैज्ञानिक, कर डाले हजारों आविष्कार

Sun, 28 Jan 2024 03:06 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Sun, 28 Jan 2024 03:06 PM IST
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Thomas Edison Mothers letter changed the world know about bulb invention experiment story
Thomas Alva Edison - फोटो : Pixabay/Twiiter @ELATRILERO

Thomas Alva Edison Bulb Invention: बल्ब का आविष्कार कर दुनिया से अंधेरे को दूर करने वाले थॉमस अल्वा एडिसन का नाम इतिहास के महान वैज्ञानिकों में शामिल है। लेकिन क्या आप जानते हैं? कि एक समय था, जब उनकी टीचर ने मूर्ख और पागल तक कह दिया था। इतना ही नहीं एडिशन को टीचर ने स्कूल में पढ़ाने से भी मना कर दिया था। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि वह मूर्ख से महान वैज्ञानिक कैसे बनें। आइए आज हम आपको थॉमस अल्वा एडिसन की कहानी बताते हैं, जिसमें उनकी मां का अहम रोल रहा है। उनकी जिंदगी से जुड़े कई रोचक किस्से हैं, जिनसे हम भी कुछ सीख सकते हैं। 



एडिसन ने अपनी मेहनत और लगन की बदौलत करीब 1093 आविष्कारों के पेटेंट हासिल किए, जिसमें से सबसे चर्चित बल्ब का आविष्कार था। आज भले ही दुनिया में नए-नए तरह के बल्ब मिलते हैं। पर टंगस्टन-कांच वाले पहले बल्ब को थॉमस अल्वा एडिसन ने 19वीं सदी के आखिर में बनाना था, जिसने रात के अंधेरे में उजाला भर दिया था।

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Thomas Edison Mothers letter changed the world know about bulb invention experiment story
Thomas Alva Edison - फोटो : facebook/Thomas Edison
मां ने एडिसन को पढ़ाया
थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म अमेरिका में 11 फरवरी 1847 को हुआ था। बताया जाता है कि प्राइमरी स्कूल में एक दिन टीचर ने उनको एक पेपर पर कुछ लिखकर दिया और कहा कि इसे अपनी मां को दिखा देना। घर जाकर एडिसन ने मां को टीचर का लेटर दिया, जिसे पढ़कर वह रोने लगीं। एडिसन की मां का नाम नैंसी मैथ्यू इलियट था, जो बेहद पढ़े-लिखे डच परिवार की भद्र महिला थीं। 
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Thomas Alva Edison - फोटो : facebook/Thomas Edison

मां को रोता देख एडिसन ने पूछा, 'इस पेपर पर क्या लिखा है और आप क्यों रो रही हैं।' इस पर उन्होंने जवाब दिया कि टीचर ने लिखा है, 'आपका बच्चा बहुत होशियार है। हमारा स्कूल और टीचर निम्न दर्जे के हैं। इसलिए हम आपके बच्चे को नहीं पढ़ा सकते। बेहतर होगा कि आप खुद ही अपने बच्चे को पढ़ाएं।' 

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Thomas Alva Edison - फोटो : iStock

छोटी उम्र में बनाई प्रयोगशाला
इसके बाद एडिसन की मां ने खुद ही उनको पढ़ाना शुरू किया और घर में एक प्रयोगशाला तक खोल कर दी। सिर्फ 10 साल की उम्र में मां की मदद से एडिसन ने अपनी पहली प्रयोगशाला में काम करना शुरू किया। मां नैंसी ने उन्हें एक रासायनिक प्रयोग की किताब दी थी, जो एडिसन को इतनी पसंद आ गई कि वह कई-कई दिनों तक बिना सोए ही प्रयोग करते रहते। उन्हें खाने-पीने का भी होश नहीं रहता था।

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Thomas Edison

10 हजार से ज्यादा बार हुए फेल 
इन्हीं प्रयोग और प्रैक्टिकल की मदद से एडिसन ने फोनोग्राफ से लेकर बल्ब तक का आविष्कार किया। आगे चलकर पूरी दुनिया ने उनके दिमाग का लोहा माना। बताया जाता है कि बल्ब का आविष्कार इतना आसान नहीं था। वह करीब दस हजार से ज्यादा प्रयासों के बाद बल्ब बनाने में सफल हुए। 

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