पालतू जानवर तनाव को कम करने में मदद करते हैं, इस बात को हम सभी लोग अच्छी तरह से जानते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि बच्चों के सामाजिक और मानसिक विकास में भी कुत्ते महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस शोध में पता चला कि जिन घरों में पालतू कुत्ते होते हैं और बच्चे उसके साथ खेलते हैं, तो उन बच्चों की सामाजिक और भावनात्मक परेशानियां 23 फीसदी तक कम हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
दरअसल, इस शोध के लिए पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय और टेलीथॉन किड्स इंस्टीट्यूट की एक टीम ने लगभग 1700 घरों के 2 से 5 साल के बच्चों के बारे में जानकारियों को जुटाकर अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान पाया कि जो बच्चें पालतू कुत्तों के साथ बड़े हुए हैं उनमें असामाजिक व्यवहार में संलग्न होने की संभावना 30 फीसदी तक कम हो जाती है। जबकि अन्य बच्चों में यह समस्या 34 फीसदी तक बढ़ जाती है।
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शोध में यह पता चला कि 'घर में कुत्ता रखने से बच्चों का मानसिक और सामाजिक विकास सही तरीके से होता है। बच्चों और पालतू कुत्तों के बीच एक खास तरह का लगाव होता है। ऐसे में पालतू कुत्तों के साथ खेलने और उनके साथ समय बिताने से बच्चों के सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा दे सकता है।
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मानसिक बीमारी से बचाव
पालतू कुत्ते के साथ रहने से बच्चों को बड़े होने पर भी मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया का खतरा नहीं रहता है। साल 2019 में हुए एक शोध में जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन, यूएस के मैनेजमेंट डायरेक्टर जॉन्स हॉपकिन्स अधिकांश मेंटल डिसऑडर्स बचपन में मिले नैचुरल एक्सपोजर और माहौल से जुड़े होते हैं। क्योंकि बचपन में मिला वातावरण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को विकसित करता है। घर में बच्चों का पेट्स के साथ बहुत घनिष्ट संबंध होता है, जो इनके मानसिक विकास में मदद करते हैं।
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कोरोना वायरस महामारी के वजह से चल रहे लॉकडाउन की वजह से बच्चों का पालतू कुत्ते का साथ और भी खास हो जाता है। क्योंकि इस समय बच्चें काफी लंबे समय से घरों में कैद हैं।