Plant On Moon: लोगों का चांद पर बसने का सपना जल्द सच हो सकता है। चांद पर इंसानों की बस्ती बंसाने को लेकर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। चांद की मिट्टी में पौधे उगाए गए हैं। अब इससे यह स्पष्ट है कि चांद पर खेती की जा सकती है। वैज्ञानिकों ने लिए यह काम काफी कठिन था, लेकिन उनको इसमें कामयाबी मिली है।
चांद पर खेती करना कठिन कार्य है, क्योंकि वहां की पथरीली मिट्टी है। अगर अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक चंद्रमा पर रहते हैं, तो उन्होंने ताजा खाना नहीं मिल पाएगा। चांद पर पृथ्वी की मिट्टी को लेकर नहीं जाया सकता है, क्योंकि खर्च बहुत अधिक आएगी। इसकी वजह से वैज्ञानिकों ने टेस्ट किया है कि चंद्रमा की मिट्टी में फसल उगाई जा सकती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपोलो मिशनों के दौरान धरती पर चांद से कुल 382 किलोग्राम पत्थर लाए गए थे।
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चांद की मिट्टी में पहली बार उगाए गए पौधे
- फोटो : टाइलर जोन्स/UF-IFAS
नासा के वैज्ञानिकों ने चांद से लाए पत्थरों को अलग-अलग बांट दिया। लेकिन जानकारी नहीं थी कि खत्म होने में कितने साल लगेंगे। संभावना जताई जा रही है कि अर्टेमिस मिशन्स के दौरान अमेरिका चांद से और मिट्टी लाने की तैयारी कर रहा है।
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चांद की मिट्टी में पहली बार उगाए गए पौधे
- फोटो : Pixabay
चांद की जिस मिट्टी में पौधे लगाए गए हैं वो मिट्टी वैक्यूम सील्ड डिब्बों में रखकर जमीन पर लाई गई थी। कम्यूनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में एक स्टडी प्रकाशित की गई है। इस स्टडी में साफ तौर पर बताया गया है कि चांद की मिट्टी में पहली बार फूल वाले पौधों को उगाया गया है। इस मिट्टी में धरती के पानी और हवा को मिलया गया था।
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चांद की मिट्टी में पहली बार उगाए गए पौधे
- फोटो : Twitter @UUx4whxHO5injW3
यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में प्रोफेसर एना-लिसा पॉल का कहना है कि चांद की मिट्टी में पहले भी पौधे उगाए गए हैं, लेकिन ऐसे नहीं उगाए गए थे। चंद्रमा की मिट्टी में किसी कोई पैथोजेन नहीं मिलता है। ऐसी जमीनी जीवों और पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ भी नहीं होते। उन्होंने बताया कि पहले जिनमें पौधे लगाए थे उनमें सिर्फ चांद की मिट्टी का छिड़काव हुआ था। इस बार पहला मामला है जब सिर्फ चांद की मिट्टी में पौधे उगाए गए हैं।
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चांद की मिट्टी में पहली बार उगाए गए पौधे
- फोटो : iStock
एना-लिसा पॉल और प्रोफेसर रॉबर्ट फर्ल को 11 साल कोशिश करने के बाद कामयाबी मिली है। इन दोनों वैज्ञानिकों को 12 ग्राम चांद की मिट्टी मिली थी जो अपोलो-11, 12 और 17 के मिशन के दौरान लाई गई थी। लेकिन उन्होंने इतनी कम मिट्टी में भी फसल उगा दिया।