NASA Artemis-II: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) साल 2025 में चांद पर Artemis-II मिशन भेजगा। नासा ने 52 साल पहले आखिर बार 1972 में अपोलो-17 मिशन के तहत चांद कदम रखा था। उसके बाद अमेरिका ने चांद पर कोई मिशन नहीं भेजा है। अब नासा Artemis-II मिशन की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए नासा की तरफ से Artemis-II मिशन के एस्ट्रोनॉट्स को चुन लिया गया है।
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नासा के प्रमुख बिल नेल्सन ने बताया कि हम जैसे इस बार चांद पर जा रहे हैं, पहले कभी वैसा नहीं हुआ है, लेकिन इन मिशनों से पहले हमारे अंतरिक्षयात्रियों की सुरक्षा सबसे अधिक जरूरी है। बिल नेल्सन ने कहा कि इसलिए सभी मिशन की पूरी तरह जांच की जा रही है। अगर शुरूआती मिशन में सफलता हासिल होती है, तो हमारे अंतरराष्ट्रीय और व्यापारिक समझौतों को भी मदद मिलेगी।
सबसे ऊपर अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा
बिल नेल्सन ने कहा यह किसी एक देश या एजेंसी का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया का मिशन है। हम किसी भी अंतरिक्ष यात्री की सेहत या जान के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते। इसलिए Artemis-II मिशन को आगे बढ़ाया है। ओरियन स्पेसक्राफ्ट (Orion Spacecraft) का कई तरह के टेस्ट किया जाएगा, जिसके बाद लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जांच होनी है।
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... नहीं तो सकता है खतरनाक
ओरियन स्पेसक्राफ्ट के बैटरी से जुड़ी समस्याओं को खत्म किया जा रहा है। इसके साथ ही एयर वेंटिलेशन और तापमान नियंत्रण करने वाले यंत्रों की भी जांच पड़ताड़ चल रही है। आर्टेमिस-1 मिशन के लौटने के बाद ओरियन स्पेसक्राफ्ट में लगे चार की परत उतर गई थी, जो हीटशील्ड में होता है और उसकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही सेंसर्स और इमेजरी की जांच की जा रही है।
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इसलिए सुरक्षा जांच जरूरी
Artemis-II मिशन के बाद ही तीसरे मिशन की तारीख भी तय की जाएगी। फिलहाल उसे सितंबर 2026 के लिए रखा गया है, क्योकि उस समय तक सभी तैयारियां पूरी की जा सकें। तीसरे मिशन में चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास नासा के एस्ट्रोनॉट्स उतरेंगेय़ चौथे मिशन में नासा चांद पर अपना स्पेस स्टेशन बनाने की कोशिश शुरू करेगा।