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अजब-गजब: मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन, जानिए किसकी थी कितनी सैलरी

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति मेहरा Updated Fri, 22 Apr 2022 12:10 PM IST
मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन
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आमतौर पर घर पर रहने वाली महिलाओं को किसी तरह का वेतन नहीं मिलता है, लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पहले ऐसा नहीं था। दरअसल, मुगल शासन में रानियों, शहजादियों और हरम में रहने वाली स्त्रियों को वेतन दिया जाता था। इस काम की शुरुआत भारत में मुगल सल्तनत की स्थापना के साथ बाबर ने की थी। शाही हरम में प्रवेश करने वाली हर स्त्री को उसकी स्थिति के अनुसार आजीविका भत्ता दिया जाता था, जिनमें औरंगजेब ने बहन जहांआरा बेगम का नाम सबसे ऊपर आता है। जहांआरा बेगम का सालाना वेतन इतना था ये जानकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी। सबसे अधिक वेतन होने के बाद भी औरंगजेब उसका वेतन बढ़ाता गया। 

इस बात की जानकारी भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की शोध पत्रिका "इतिहास" के अंक में एक विस्तृत लेख में दी गई है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि किस तरह मुगल बादशाह महिलाओं के लिए वेतन की व्यवस्था करते थे। इसका भुगतान कैसे किया जाता था।
मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन
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आमतौर पर शाही महिलाओं को नकद वेतन दिए जाते थे। वहीं जिन महिलाओं का वेतन अपेक्षाकृत अधिक होता था, उन्हें आधी राशि नकद में दी जाती थी, जबकि शेष राशि के बराबर जागीर और चुंगी के अधिकार दिए जाते थे।
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बाबर ने की थी इसकी शुरुआत
इस काम की शुरुआत बाबर ने इब्राहिम लोदी की मां से की थी। जिन्हें जागीर के रूप में एक परगना आवंटित की गई थी। इसकी वार्षिक आय 7 लाख रुपए से भी अधिक थी। ये बात बाबर के बाद से ये सभी मुगल बादशाहों ने किया। 
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जहांआरा को मिलता था कितना वेतन? 
वहीं जहांआरा बेगम के वेतन के बारे में बात की जाए तो, शाहजहां की बेटी और औरंगजेब की बहन जहांआरा को मां मुमताज की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति का आधा हिस्सा मिल गया था, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए के करीब आंका गया है।
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आपको जानकर हैरानी होगी कि शुरू में जहांआरा को सालाना वेतन के तौर पर 7 लाख रुपए मिलते थे। जहांआरा बादशाह और भाई औरंगजेब की सबसे विश्वासपात्र थी। ऐसे में उनके वेतन में लगातार बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद उसका सालाना वेतन 17 लाख रुपये तक हो गया। मुगल सल्तनत में सबसे ज्यादा खर्चीली जहांआरा ही थी, जो बेहद शानो शौकत के साथ की जिंदगी जीती थीं।
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