आमतौर पर घर पर रहने वाली महिलाओं को किसी तरह का वेतन नहीं मिलता है, लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पहले ऐसा नहीं था। दरअसल, मुगल शासन में रानियों, शहजादियों और हरम में रहने वाली स्त्रियों को वेतन दिया जाता था। इस काम की शुरुआत भारत में मुगल सल्तनत की स्थापना के साथ बाबर ने की थी। शाही हरम में प्रवेश करने वाली हर स्त्री को उसकी स्थिति के अनुसार आजीविका भत्ता दिया जाता था, जिनमें औरंगजेब ने बहन जहांआरा बेगम का नाम सबसे ऊपर आता है। जहांआरा बेगम का सालाना वेतन इतना था ये जानकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाएंगी। सबसे अधिक वेतन होने के बाद भी औरंगजेब उसका वेतन बढ़ाता गया।
इस बात की जानकारी भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद की शोध पत्रिका "इतिहास" के अंक में एक विस्तृत लेख में दी गई है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि किस तरह मुगल बादशाह महिलाओं के लिए वेतन की व्यवस्था करते थे। इसका भुगतान कैसे किया जाता था।
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मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन
- फोटो : facebook/StudioDharma
आमतौर पर शाही महिलाओं को नकद वेतन दिए जाते थे। वहीं जिन महिलाओं का वेतन अपेक्षाकृत अधिक होता था, उन्हें आधी राशि नकद में दी जाती थी, जबकि शेष राशि के बराबर जागीर और चुंगी के अधिकार दिए जाते थे।
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मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन
- फोटो : facebook/Ahmad Moeenuddin
बाबर ने की थी इसकी शुरुआत
इस काम की शुरुआत बाबर ने इब्राहिम लोदी की मां से की थी। जिन्हें जागीर के रूप में एक परगना आवंटित की गई थी। इसकी वार्षिक आय 7 लाख रुपए से भी अधिक थी। ये बात बाबर के बाद से ये सभी मुगल बादशाहों ने किया।
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- फोटो : facebook/Rohini Mani
जहांआरा को मिलता था कितना वेतन?
वहीं जहांआरा बेगम के वेतन के बारे में बात की जाए तो, शाहजहां की बेटी और औरंगजेब की बहन जहांआरा को मां मुमताज की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति का आधा हिस्सा मिल गया था, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए के करीब आंका गया है।
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मुगल शासन में रानियों और शहजादियों को मिलता था वेतन
- फोटो : facebook/Curiocity
आपको जानकर हैरानी होगी कि शुरू में जहांआरा को सालाना वेतन के तौर पर 7 लाख रुपए मिलते थे। जहांआरा बादशाह और भाई औरंगजेब की सबसे विश्वासपात्र थी। ऐसे में उनके वेतन में लगातार बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद उसका सालाना वेतन 17 लाख रुपये तक हो गया। मुगल सल्तनत में सबसे ज्यादा खर्चीली जहांआरा ही थी, जो बेहद शानो शौकत के साथ की जिंदगी जीती थीं।