Morocco Earthquake: मोरक्को में आए विनाशकारी भूकंप ने भयानक तबाही मचाई है। भूकंप से अभी तक करीब तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है। भूकंप का केंद्र एटलस पहाड़ों के नीचे था। अफ्रीकी देश में भूकंप आते रहते हैं, लेकिन कई दशकों में भी ऐसी तबाही नहीं मची थी। इस भूकंप को लेकर कई तरह की कंस्पिरेसी थ्योरी की भी तेजी से चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि मोरक्को में भूकंप आने से पहले आसमान में बहुत तेज और अजीब रोशन देखी गई थी।
Morocco Earthquake: मोरक्को में भूकंप से पहले आसमान में दिखी थी अजीब रोशनी, जानिए आखिर क्या है रहस्य
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वाशिंगटन पोस्ट में भौतिक विज्ञानी फ्रीडेमैन के हवाले से बताया गया है कि मोरक्को में भूकंप से पहले जिस रोशनी की बात कही जा रही है। वह धरती के टैक्टोनिक प्लेट में हलचल से पैदा होती है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, यह चमक स्थिर होती है और आसमान में कई रूप में नजर आती है।
भूकंप की होती है अपनी रोशनी
भूकंप से पहले मोरक्को में आसमान में अजीब रोशनी थी। विज्ञान में इसे अर्थक्वेक लाइट कहा जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की भी अपनी रोशनी होती है, जो जमीन से लेकर आसमान तक फैलती है। यह रोशनी धरती के अंदर भूकंपीय गतिविधि से संबंधित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक करंट से उत्पन्न होती है। धरती की टैक्टोनिक प्लेट में भयानक हलचल मचती है, तो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रवाह बनता है। पहले भी कई बार भूकंप से पहले रोशनी देखने की बात कही जा चुकी है। 17वीं सदी के दस्तावेजों में भी रहस्यमयी रोशनी का जिक्र है, जो आपदा से पहले नजर आई थीं।
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वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक फ्रीडेमैन के मुताबिक, रात में भूकंप के दौरान रोशनी इतनी अधिक हो सकती है कि इसमें किताब पढ़ सकते हैं। वायुमंडल में उत्तेजित परमाणु के प्रकार पर निर्भर करता यह रोशनी किस रंग की होगी, क्योंकि यह अलग-अलग रंग में नजर आती है। ऑक्सीजन अणु से लाल या हरे रंग की रोशनी पैदा हो सकती है, लेकिन मिश्रण चमकदार पीली रोशनी उत्पन्न करेगा।
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आसमान में कब-कब नजर आई रोशनी
साल 1975 में कालापना भूकंप के समय आसमान में रोशनी नजर आई थी। कई सेकेंड तक यह रोशनी नजर आई थी जिसमें कई रंग थे। इसके बाद साल 2003 में मेक्सिको में कोलिमा भूकंप, 2007 के पेरू भूकंप, 2008 के सिचुआन भूकंप भी रोशनी देखी गई थी। इस साल दिल्ली में आए भूकंप के दौरान भी भूकंप की रोशनी देखे जाने की बात कही गई थी।