Thar Desert: भारत के थार रेगिस्तान को अभी तक गर्मी, सूखे और बंजर के लिए जाना जाता है। लेकिन, अब इस इलाके में हैरान करने वाला बदलाव हो रहा है। वैज्ञानिकों ने उपग्रह डेटा से देखा है कि थार रेगिस्तान सूखा नहीं, बल्कि हरा हो रहा है। सेल रिपोर्ट सस्टेनेबिलिटी में एक नया अध्ययन प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि पूरे रेगिस्तान का रंग भूरा की जगह हरा होता जा रहा है। आइए जानते हैं कि रेगिस्तान हरियाली में क्यों बदलता जा रहा है?
Thar Desert: भारत के सबसे बड़े रेगिस्तान में दिखी ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिक हुए हैरान, दी ये चेतावनी
Thar Desert: भारत के थार रेगिस्तान को अभी तक गर्मी, सूखे और बंजर के लिए जाना जाता है। लेकिन, अब इस इलाके में हैरान करने वाला बदलाव हो रहा है। वैज्ञानिकों ने उपग्रह डेटा से देखा है कि थार रेगिस्तान सूखा नहीं, बल्कि हरा हो रहा है।
क्या है वजह?
अध्ययन के मुताबिक, थार रेगिस्तान में हुए बदलाव के पीछे की वजह जलवायु परिवर्तन, बारिश के बदलते पैटर्न और मानवीय गतिविधियां हैं। इसके कारण अप्रत्याशित हरियाली बढ़ रही है। ह यह राजस्थान और गुजरात की सीमा को पार कर पाकिस्तान तक फैला है। थार मरुस्थल का करीब 90 फीसदी हिस्सा राजस्थान में है। इसलिए राजस्थान को मरुस्थल प्रदेश भी कहा जाता है। थार मरुस्थल का करीब 90 फीसदी भाग भारत में है और बाकी पाकिस्तान में है।
थार मरुस्थल करीब 2 लाख 80 हजार वर्गीकिलोमीटर के क्षेत्र में फैला है। थार रेगिस्तान में करीब 1.6 करोड़ लोग रहते हैं। यह दुनिया का सबसे घनी आबादी वाला रेगिस्तान है। तीव्र सूखे और रेगिस्तानीकरण का सामना करने वाले ज्यादातर रेगिस्तानों के विपरीत, थार की इस प्रवृत्ति में बदलाव हो रहा है।
शोधकर्ता ने क्या कहा?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर में सिविल इंजीनियर और अध्ययन के सह-लेखक विमल मिश्रा ने बताया कि पानी और ऊर्जा की उपलब्धता में वृद्धि ने कृषि और शहरी क्षेत्रों में विस्तार किया है। इससे इलाके में फसल की पैदावार में काफी वृद्धि हुई है। दुनिया में ऐसा कोई दूसरा रेगिस्तान नहीं है, जहां पर हाल के दिनों में शहरीकरण, कृषि और वर्षा में वृद्धि देखी गई हो।
Viral Video: दुल्हन का हाथ छोड़ ससुर को ले गया स्टेज पर और फिर कर डाला कुछ ऐसा, वीडियो हो गया वायरल
मानसूनी वर्षा में भारी वृद्धि
थार क्षेत्र में मानसूनी बारिश में 64 फीसदी की वृद्धि हुई है। मौसमी बारिश में इस वृद्धि ने मिट्टी की नमी और वनस्पति विकास को काफी बढ़ाया है। भूजल सतह पर आ चुका है। हरियाली सिर्फ प्राकृतिक नहीं है। नए बुनियादी ढांचे और जनसंख्या वृद्धि से प्रेरित कृषि का विस्तार, परिदृश्य को नया रूप देने में बड़ी भूमिका है।
Zara Hatke: भारत के इस गांव को कहा जाता है 'बाउंसर विलेज', घर का हर दूसरा लड़का बनता है पहलवान
वैज्ञानिकों की चेतावनी
यह बदलाव लाभकारी नजर आ सकता है, लेकिन वैज्ञानिक बहुत जल्दी जश्न मनाने को लेकर चेतावनी देते हैं। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि बढ़ती वनस्पति से देशी जैव विविधता खतरे में पड़ सकती है। पानी के अधिक इस्तेमाल से दीर्घकालिक कमी हो सकती है। इससे हो रही प्रगति को खतरा हो सकता है। इसके अलावा, बढ़ते तापमान से क्षेत्र की बढ़ती आबादी के लिए जोखिम पैदा होता है। विकास ऐसा हो, जिससे रेगिस्तान अपने नाजुक संतुलन को न छोड़े।