Illuminati Secret Society: इल्युमिनाटी एक ऐसा नाम है, जिसकी अक्सर चर्चा होती है। हालांकि, यह एक रहस्यमयी संगठन हैं, जिसे लेकर कई कांस्पीरेसी थियोरीज हैं। कांस्पीरेसी थियोरीज के मुताबिक, इल्युमिनाटी दुनिया का सबसे खतरनाक संगठन है। इसके सदस्यों में बिल गेट्स और ओपरा विनफ्रे जैसे नाम शामिल हैं। इन थियोरीज के मुताबिक, इल्युमिनाटी का अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या में हाथ रहा है। देशों के बीच युद्ध करवाने और सरकारें गिराने में भी यह संगठन शामिल है। कांस्पीरेसी थियोरीज में कितनी सच्चाई है यह एक रहस्य है। इतिहास में इल्युमिनाटी नाम का एक संगठन जरूर था।
कब और कैसे बना था इल्युमिनाटी?
18वीं सदी में इस संगठन की शुरुआत हुई थी। इसकी कहानी 1748 से शुरू होती है। मध्य यूरोप में एक बवेरिया राज्य हुआ करता था। बवेरिया के इंग्लोस्टाड नाम के एक शहर में जन्में एडम वाइसहाप्ट इंग्लोस्टाड की यूनिवर्सिटी में धार्मिक कानूनों के प्रोफेसर थे। उनके पूर्वज यहूदी थे, लेकिन उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था। वाइसहाप्ट खुद पादरी नहीं थे, लेकिन यूनिवर्सिटी का प्रशासन पादरियों से चलता था। यह सभी रोमन कैथलिक चर्च के विशेष सम्प्रदाय, जेसुइट्स में शामिल थे। 16 वीं सदी में जेसुइट्स ऑर्डर की स्थापना हुई थी और इनका काम दुनिया भर में ईसाई धर्म का प्रचार करना था।
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क्या है दुनिया के सबसे खुफिया संगठन इल्युमिनाटी का रहस्य?
- फोटो : Adobe Stock
वाइसहाप्ट धार्मिक कानूनों और तौर तरीकों में बदलाव लाना चाहते थे, जिसकी कई वजहें थीं। उसका मानना था कि विज्ञान के साथ-साथ धर्म को चलना चाहिए। वाइसहाप्ट को इन विचारों को आगे ले जाने के लिए साथी की जरूरत थी। इसके लिए उसने फ्रीमेसन्स नाम के एक समुदाय से जुड़ने का प्रयास किया। फ्रीमेसन्स समुदाय के लोग खुले विचारों वालों थे। इसके सदस्य दर्शन और धर्म पर बात करते थे। दुनिया के सबसे पुराने संगठनों में फ्रीमेसन्स शामिल हैं और 21 वीं सदी में अस्तित्व रखता था।
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फ्रीमेसन्स उदार ख्याल के थे, लेकिन उनमें पर्याप्त क्रांतिकारी सोच नहीं थी। एडम वाइसहाप्ट ऐसा मानते थे। इसकी वजह से उन्होंने फैसला लिया कि वह अपना एक संठगन बनाएंगे। प्रोफेसर एडम वाइसहाप्ट ने इल्युमिनाटी की नींव रखी थी। शुरुआत में इसका नाम 'ऑर्डर ऑफ इलुमिनाटी' था।
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चर्च और क्रिश्चियन धर्म के कट्टरपंथ की जड़ें समाज में काफी गहरी थीं। इसी कट्टरपंथ से आजाद होने के लिए प्रोफेसर एडम ने इस संगठन की शुरुआती की। इसके माध्यम से उनका एक ऐसी दुनिया बनाना था, जहां पर कट्टरपंथ और धर्म की दीवारें न हों। सभी को समान रूप से देखा जाए।
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संगठन की शुरुआत में इससे कुछ छात्र जुड़ गए, लेकिन धीरे धीरे इल्युमिनाटी का दायरा बढ़ने लगा और हजारों लोग इस संगठन में शामिल होने लगे। इसके बाद वाइसहाप्ट कई खुफिया बैठकें आयोजित करवाते थे, जिनमें समाज और सरकार को लेकर कई बातें की जाती थीं। बाद में स्थानीय सरकार को इस खुफिया संगठन बारे में पता चल गया। इसके बाद स्थानीय सरकार ने इल्युमिनाटी पर प्रतिबंध लगा दिया, जबकि प्रोफेसर वाइसहाप्ट को जेल में भेज दियाा गया। अभी भी कई लोगों को यकीन है कि इल्युमिनाटी अभी भी सक्रिय है और देश दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है, उसके पीछे इसी का हाथ है।
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