फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भारत का वो अनोखा मंदिर, जिसे माना जाता है भारतीय कला का बेजोड़ नमूना

Wed, 13 May 2020 03:22 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Wed, 13 May 2020 03:22 PM IST
विज्ञापन
hoysaleshwar temple in karnataka is famous for unique temple of India
होयसलेशवर मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

हमारे भारत देश में ऐसे कई मंदिर हैं, जिनका संबंध या तो दूसरे युग से है या फिर उनका इतिहास कई हजार साल पुराना है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका निर्माण बारहवीं-तेरहवीं शताब्दी के बीच हुआ था। यह मंदिर कर्नाटक के द्वारसमुद्र में स्थित है। द्वारसमुद्र का वर्तमान नाम हलेबिड है, जो कर्नाटक के हसन जिले में दक्कन के पठार पर एक बहुत ही खूबसूरत जगह है।

hoysaleshwar temple in karnataka is famous for unique temple of India
होयसलेशवर मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

इस मंदिर का नाम होयसलेशवर मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। होयसलेशवर मंदिर एक शैव मंदिर है, लेकिन यहां भगवान विष्णु, भगवान शिव और दूसरे देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों को सॉफ्टस्टोन से बनाया गया है, जो समय के साथ कठोर हो जाता है। इस मंदिर के अंदर बहुत कम रोशनी में भगवान शिव की एक शानदार मूर्ति विराजमान है। शिव जी की मूर्ति के मुकुट पर मानव खोपड़ियां बनी हैं, जो मात्र 1 इंच चौड़ी हैं। इन छोटी-छोटी खोपड़ियों को इस तरह से खोखला किया गया है कि उससे गुजरने वाली रोशनी आंखों के सुराख से होती हुई मुंह में जाकर कानों से बाहर लौट आती हैं। हजारों साल पहले हाथ से बनाए गए ये सुराख बहुत ही अद्भुत हैं।

hoysaleshwar temple in karnataka is famous for unique temple of India
होयसलेशवर मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

होयसलेशवर मंदिर एक ऊंचे प्लेटफार्म पर बनी है, और इस प्लेटफार्म पर 12 नक्काशीदार परतें बनी हुई हैं। सबसे कमाल की बात ये है कि इन परतों को जोड़ने के लिए चूने या सीमेंट का इस्तेमाल नहीं हुआ था, बल्कि इंटरलॉकिंग के जरिए इसे जोड़ा गया था। पत्थरों की इंटरलॉकिंग न सिर्फ राजा को पसंद आई, बल्कि इसी इंटरलॉकिंग की वजह से आज भी मंदिर मजबूती के साथ खड़ा हुआ है। इसकी बाहरी दीवारों पर सैकड़ों खूबसूरत मूर्तियां बनी हुई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
hoysaleshwar temple in karnataka is famous for unique temple of India
होयसलेशवर मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि हर मूर्ति को एक ही पत्थर से बनाया गया है। इसके साथ ही मंदिर के अंदर पत्थर के स्तम्भ भी बने हैं। पत्थर से बने ये स्तम्भ गोलाकार डिजाइन में हैं, जिसे हाथ से बना पाना नामुमकिन ही लगता है। विशेषज्ञों की माने तो ये काम मशीन के बिना संभव नहीं है। लेकिन यह बात सोचने वाली है कि उस समय में हमारे पूर्वजों ने पत्थरों को घुमाने के लिए किस मशीन का प्रयोग किया होगा?

विज्ञापन
hoysaleshwar temple in karnataka is famous for unique temple of India
होयसलेशवर मंदिर - फोटो : Wikipedia

होयसलेशवर मंदिर वास्तुशिल्प का एक बेजोड़ नमूना है जो आज भी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र है। हालांकि इस बात का कोई साबुत नहीं है कि मंदिर को बनाने में मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में कई लोगों का ये भी मानना है कि इस मंदिर का निर्माण मनुष्य जाति ने किया ही नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed