बचपन से ही हम सभी देखते और सुनते आ रहे हैं कि लोग फोन उठाते ही जरूर हैलो बोलते हैं। हैलो के बाद ही आगे की बात शुरू होती है। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि फोन उठाते ही सबसे पहले लोग हैलो क्यों बोलते हैं? वैसे तो इस सवाल के जवाब कई सारी मनगढ़ंत कहानियों में हैं जिनका कोई प्रमाणिक सत्य नहीं है। लेकिन आज हम आपको हैलो शब्द की उत्पति के बारे में बताएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का अविष्कार किया था। 10 मार्च 1876 को उनके टेलीफोन आविष्कार का पेटेंट मिला था। अविष्कार करने के बाद बेल ने सबसे पहले अपने साथी वाट्सन के लिए संदेश संप्रेषित किया कि श्रीमान वाट्सन यहां आओ मुझे तुम्हारी जरुरत है। बता दें कि ग्राहम बेल फोन पर हैलो नहीं Ahoy बोलते थे।
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टेलीफोन की खोज के बाद जब लोगों ने इसका इस्तेमाल करना शुरू किया, तो लोगों से सबसे पहले पूछते थे Are you there। ऐसा इसलिए करते थे ताकि वह जान सके की उनकी आवाज दूसरी ओर पहुंच रही है कि नहीं। हालांकि, एक बार थॉमसन एडिशन ने Ahoy को गलत सुन लिया और साल 1877 में उन्होंने हैलो बोलने का प्रस्ताव रखा।
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- फोटो : अमर उजाला
इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए थॉमस एडिशन ने पिट्सबर्ग की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट एंड प्रिंटिंग टेलीग्राफ कंपनी के अध्यक्ष टीबीए स्मिथ को पत्र लिख कर कहा कि टेलीफोन पर पहला शब्द हैलो बोला जाना चाहिए। जब उन्होंने पहली बार फोन किया तो सबसे पहले हैलो बोला।
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थॉमस एडिशन की देन है कि आज भी लोग फोन उठाते ही सबसे पहले हैलो बोलते हैं। ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, हैलो शब्द पुराने जर्मन शब्द हाला से बना है। ये शब्द पुराने फ्रांसीसी या जर्मन शब्द ‘होला’ से आया है। 'होला' का मतलब होता है ‘कैसे हो’ लेकिन ये शब्द समय के साथ लहजे की वजह से बदलता गया।