अगर कोई वस्तु ऊपर से गिरती है, तो ग्रेविटी की वजह से धरती उसे अपनी ओर खींचती है। अगर पृथ्वी पर ग्रेविटी नहीं होती तो, कोई भी वस्तु उड़ती हुई दिखाई देती। लेकिन धरती पर एक ऐसी जगह है जहां ग्रेविटी काम नहीं करती है। इस बात पर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह पूरी तरह से सच है। यह जगह अमेरिका में है जिसे हूवर डैम के नाम से जाना जाता है। हूवर डैम में कोई वस्तु फेंकने पर उड़ने लगती है, क्योंकि यहां ग्रेविटी काम नहीं करती है।
अमेरिका के नेवादा और एरिजोना की सीमा पर हूवर डैम स्थित है। कहा जाता है कि हूवर डैम की बनावट की वजह से यहां पर ग्रेविटी काम नहीं करती है। अगर हूवर डैम से किसी भी वस्तु को नीचे फेका जाता है, तो वह नीचे नहीं गिरती है और हवा में उड़ने लगती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हूवर डैम के ऊपर से नीचे फेकी जाने वाली वस्तुएं नीचे ना गिरने और हवा में उड़ने की वजह उसकी बनावट है। हूवर डैम की ऊंचाई अधिक है और उसकी बनावट धुनष के आकार की है।
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धरती पर यहां उड़ने लगती हैं चीजें
- फोटो : Pixabay
हूवर डैम की ऊंचाई 221.4 मीटर और लंबाई 379 मीटर है। इस डैम की बनावट धनुष के आकार की है। इस डैम की सबसे खास बात यह है कि यहां पर हवाएं हमेशा तेज रफ्तार में चलती हैं जिसकी वजह से हवा डैम की दीवार से टकराती है और ऊपर की ओर बहती है। इसकी वजह से यहां पर ग्रेविटी काम नहीं करती है।
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धरती पर यहां उड़ने लगती हैं चीजें
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दुनिया के बड़े बाधों में शामिल हूवर डैम का निर्माण अमेरिका के नेवादा में कोलोराडो नदी पर किया गया है। इस बांध में ग्रेविटी काम नहीं करती है जिसे लोग एक चमत्कार मानते हैं, लेकिन वैज्ञानिक इसकी बनावट को वजह मानते हैं।
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धरती पर यहां उड़ने लगती हैं चीजें
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अमेरिका के 31वें राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर के नाम पर बनाए गए इस डैम का निर्माण 1931 से 1936 के बीच किया गया था। अमेरिका के प्रमुख बांधों में यह शामिल है।