फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

'शाही बीमारी' के नाम से मशहूर है यह जानलेवा रोग, इस देश की महारानी को हुआ था सबसे पहले

Mon, 25 May 2020 10:54 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Mon, 25 May 2020 10:54 AM IST
विज्ञापन
Hemophilia called royal disease because gene was passed from Queen Victoria of England
महारानी विक्टोरिया - फोटो : Social media

महारानी विक्टोरिया को कौन नहीं जानता है। वह ब्रिटेन की महारानी थीं। उन्होंने दुनिया के एक चौथाई हिस्से यानी 40 करोड़ से भी ज्यादा लोगों पर राज किया था। उनके समय (1837-1901) में ही ब्रिटेन एक विश्व शक्ति के रूप में उभरा था। इन सबके बावजूद महारानी विक्टोरिया को एक और खास वजह से भी जाना जाता था और वो है एक जानलेवा रोग। कहते हैं कि महारानी उस खतरनाक बीमारी की पहली शिकार थीं और उसके बाद से उस रोग को 'रॉयल डिजीज' यानी 'शाही बीमारी' कहा जाने लगा। 

Hemophilia called royal disease because gene was passed from Queen Victoria of England
महारानी विक्टोरिया और उनका परिवार - फोटो : Social media

दरअसल, महारानी विक्टोरिया हीमोफीलिया की शिकार थीं। इसके बारे में तब पता चला था जब ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य एक के बाद एक इस बीमारी की चपेट में आने लगे। शाही परिवार के कई सदस्यों के हीमोफीलिया से पीड़ित होने के कारण ही इसे 'शाही बीमारी' की संज्ञा दी गई। 

Hemophilia called royal disease because gene was passed from Queen Victoria of England
इंग्लैंड के प्रिंस लियोपोल्ड - फोटो : Social media

महारानी विक्टोरिया की दो बेटियों और एक बेटे को यह बीमारी हो गई थी। इसकी वजह से ही उनके बेटे प्रिंस लियोपोल्ड की मौत एक दुर्घटना के बाद रक्तस्राव से हो गई थी। उस समय उनकी उम्र महज 30 साल थी। बाद में जब महारानी की दोनों बेटियों की शादी अलग-अलग देशों के राजाओं और राजकुमारों से हुई तो यह बीमारी आनुवांशिक तौर पर दूसरे देशों में भी फैल गई। आज कई देशों के लोग हीमोफीलिया से पीड़ित हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Hemophilia called royal disease because gene was passed from Queen Victoria of England
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आपको बता दें कि हीमोफीलिया एक आनुवांशिक रोग है, जिसमें शरीर के बाहर बहता हुआ खून जमता नहीं है। यह बीमारी चोट लगने पर या दुर्घटना में घायल होने की स्थिति में जानलेवा साबित होती है, क्योंकि खून का बहना जल्दी बंद नहीं होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस रोग का कारण एक रक्त (खून) प्रोटीन की कमी होती है, जिसे 'क्लॉटिंग फैक्टर' कहा जाता है। इस प्रोटीन की विशेषता ये है कि यह बहते हुए खून के थक्के जमाकर उसका बहना रोक देता है। 

विज्ञापन
Hemophilia called royal disease because gene was passed from Queen Victoria of England
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

आमतौर पर यह बीमारी पुरुषों को ही होती है, लेकिन यह औरतों द्वारा फैलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बीमारी पीढ़ियों तक चलती रहती है। हालांकि इस रोग से पीड़ित रोगियों की संख्या भारत में बेहद कम है। इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 17 अप्रैल को 'विश्व हीमोफीलिया दिवस' के तौर पर मनाया जाता है।   

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed