केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों चंडीगढ़ में 6वां वुमन ऑफ इंडियन ऑरगेनिक फेस्टिवल आयोजित किया गया। केमिकल फ्री ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स जैसे सब्जियां, फ्रूट, ड्रायफ्रूट्स को पसंद करने वाले लोगों के लिए यह ऑर्गेनिक फेस्टिवल लगाया गया था।
गधी के दूध से बना साबुन इस्तेमाल किया क्या?, फेस्टिवल में फायदे जानकर लोग हैरान
इस ऑरगेनिक फेस्टिवल में गधी और उसके दूध से बना उत्पाद काफी चर्चा में रहा। फेस्टिवल में गधी के दूध से बना साबुन हाथों हाथ लिया गया। इस फेस्टिवल में दो स्टार्टअप रिषभ यश तोमर और पूजा कौल गधी के दूध से बना साबुन लेकर आए थे।
रिषभ का दावा है कि मिस्र की रानी क्लियोपैट्रा गधी के दूध से नहाती थीं। यही उनकी सुंदरता का राज था। एक साबुन की कीमत 500 रुपए है। वे कहते हैं कि इस साबुन के लगाने से 2-3 हफ्ते में स्किन ग्लो करने लगती है और इसके लगातार इस्तेमाल से चेहरे की झुर्रियां भी खत्म हो जाती हैं। रिषभ दिल्ली में साबुन का प्रोडक्शन कर रहे हैं।
Chandigarh: Donkey milk soaps being sold at 6th Women of India Organic Festival. Pooja Kaul, Founder of Organiko says,"This natural soap is made up of 5 kinds of oils and donkey milk. We work closely with donkey owners to produce this soap & their income has risen because of it." pic.twitter.com/UVfpeGZF9A
ऑर्गेनिको की फाउंडर पूजा कौल ने बताया कि यह प्राकृतिक साबुन 5 तरीके के तेल और गधी के दूध से बना है। हम गधी के मालिकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जिससे इस साबुन का उत्पादन किया जा सके। कौल ने बताया कि गधी के मालिकों की आय में भी इस उत्पाद की वजह से बढ़ोतरी हुई है।
जानकारों का कहना है कि इस साबुन को लेकर हुई रिसर्च के परिणाम बेहद चौंकाने वाले हैं। साबुन पर शोध कर रहे जानकारों का मत है कि गधी के दूध में कुछ ऐसे तत्व पाए गए हैं जो त्वचा को बच्चों की स्किन जैसा स्मूथ बनाते हैं। साथ ही गधी के दूध की एक अच्छी बात ये भी है कि इससे स्किन पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता।