Snake Facts & Myths: भारतीय पौराणिक कथाओं और हिंदू धर्म में सांप को एक शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। कई जगहों पर सांप की पूजा भी की जाती है। भगवान शिव के गले में भी सांप को देखा जाता है, वहीं भगवान विष्णु सात सिर वाले सांप पर आराम करते हैं। पौराणिक कहानियों में खास शक्तियों वाले सांपों के सैकड़ों संदर्भ पाए जाते हैं। ऐसे में सांपों को लेकर हजारों मान्यताएं और मिथक पैदा हो गए हैं। इनमें से अधिकांश मिथक सपेरों द्वारा फैलाए जाते हैं, जैसे, ''सांप दूध पीते हैं, सांपों के माथे पर नागमणि होता है, या दो सिर वाला सांप होता है।'' आपने भी इस तरह की कई बातें जरूर सुनी होंगी, लेकिन इनमें कितनी सच्चाई हैं, आइए आज हम आपको बताते हैं और सांप से जुड़े कुछ मिथकों को दूर करते हैं।
Nag Panchami 2024: क्या सच में सांप अपने दुश्मन को याद रखते हैं? जानिए सांप से जुड़े तथ्य और मिथक
आपने अक्सर सुना होगा कि सांप दूध पीते हैं। कई लोग सांप को नाग पंचमी के दिन दूध भी पिलाते हैं, लेकिन क्या सच में सांप दूध पीते हैं? दरअसल, सांप दूध नहीं पीते बल्कि पानी पीते हैं। सांप सरीसृप हैं और उनका दूध से कोई संबंध नहीं है। केवल स्तनधारी जीव ही दूध का उत्पादन कर सकते हैं। इस प्रकार गैर-स्तनधारी जीवों में दूध के प्रति रुचि नहीं होती है। लेकिन डिहाइड्रेशन की स्थिति में सांप कोई भी उपलब्ध तरल पी सकता है।
क्या नाग के माथे पर होता है नागमणि?
कई पौराणिक कथाओं में इस बात का जिक्र है कि नाग के माथे पर नागमणि होता है। लेकिन अलग में सांप के लिए अपने सिर पर कुछ भी लेकर रहना असंभव है।
क्या सांप अपने दुश्मन से बदला लेते हैं?
एक अन्य मिथक ये है कि अगर आप सांप को किसी प्रकार से चोट पहुंचाते हैं, तो वह आपको हमेशा याद रखते हैं और बदला भी लेते हैं। लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है। सांपों में बदला लेने के लिए लोगों या स्थानों को याद रखने की आवश्यक बुद्धि नहीं होती। इस मिथक के लिए हिंदी फिल्मों को जिम्मेदार माना गया है।
आपने सुना होगा कि अगर आपने किसी सांप को मार दिया तो उसका साथी आपको ढूंढ लेगा, लेकिन यह भी एक मिथक है। असल में सांप प्रतिशोधी जानवर नहीं होते और उन्हें चोट पहुंचाने वाले लोगों का पीछा करने या उनका पता लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं होती
क्या दो सिर वाले सांप होते हैं?
आपने दो सिर वाले सांप की कई कहानियां सुनी होंगी, लेकिन यह भी अन्य सभी बातों की ही तरह एक मिथक है। वास्तव में दो सिर वाले सांप जैसा कुछ भी नहीं होता है। यह सपेरों द्वारा फैलाया गया एक मिथक है, ताकि वे अपने साँप शो में बड़ी भीड़ को आकर्षित करना जारी रख सकें।