दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो अपनी अद्भुत शक्ति के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं में से एक हैं ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली कॉन्सेटा एंटिको जिनकी आखें बेहद खास हैं। यह अपनी अद्भुत आखों से 10 करोड़ रंगों को पहचान सकती हैं। कॉन्सेटा ने बताया है कि इसका असर उनको बचपन में ही नजर आने लगा था। वह कहती हैं कि उन्हें हर वस्तु के कई रंग नजर आते थे जिसे वो अपनी पेटिंग में उतार देती थीं। उनकी आंखें उनको आम इंसान से अलग बनाती हैं।
हालांकि कॉन्सेटा एंटिको को अपनी आंखों की खासियत के बारे में पता नहीं था। एक रिसर्च के बाद उनको इस बारे में पता चला। दुनिया में सिर्फ एक प्रतिशत लोगों की ऐसी अद्भुत आंखें होती हैं। वह अपनी इन खास आंखों से एक आम इंसान से 100 गुना अधिक रंगों की पहचान कर सकती हैं। वह रंगों से बेहद ज्यादा आकर्षित होती हैं।
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Concetta Antico: इस महिला की आंखें हैं बेहद खास
- फोटो : Instagram/@concettaantico
कॉन्सेटा एंटिको का बचपन से ही रंगों की तरफ आकर्षण था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक रिसर्च के बाद पता चला कि कॉन्सेटा की आंखें टेट्राक्रोमेट हैं। दरअसल एक इंसान की आंखों में तीन कोन यानी शंकु होते हैं, लेकिन कॉन्सेटा की आखों में चार कोन हैं। आखों के एक कोन में 10 लाख से अधिक रंगों को पहचानने की क्षमता होती है।
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वैज्ञानिकों के मुताबिक, चार कोन वाली टेट्राक्रोमेट आंखों में इतनी शक्ति होती है कि वह 10 करोड़ रंगों को पहचान सकती हैं। कॉन्सेटा को अपनी खास आखों की वजह से हर वस्तु का असली रंग दिखाई देता है। एक आम इंसान की आखें इतने रंगों को नहीं देख सकती हैं।
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ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी होने के बाद कॉन्सेटा एंटिको अमेरिका के सैन डिएगो चली गईं। साल 2012 के बाद वैज्ञानिकों ने टेट्राक्रोमेट आंखों पर रिसर्च किया। इस शोध में पता चला कि ऐसी आखों वाले लोगों की संतानों में कलर ब्लाइंडनेस हो सकता है। इससे थोड़े दिनों पहले एंटिको की बेटी में कलर ब्लाइंडनेस के बारे में जानकारी मिली थी। इस रिसर्च में कॉन्सेटा एंटिको की खास आखों के बारे में पता चला।
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अब कॉन्सेटा एंटिको कलर ब्लाइंडनेस से पीड़ित लोगों की सहायता करती हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की किंबर्ले जेम्सन ने टेट्राक्रोमेट आंखों को लेकर कहा है कि 15 फीसदी महिलाओं में ऐसे जीन पाए जाते हैं जिनकी वजह से लोगों में टेट्राक्रोमेट आंखें होती हैं।