Chandrayaan 3 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का ऐतिहासिक मिशन चंद्रयान 3 (Chandrayaan 3 Mission) चंद्रमा की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन बाद चंद्रयान 3 चंद्रमा के ऑर्बिट में प्रवेश करने कोशिश करेगा। उम्मीद है कि चंद्रयान ऐसा करने में सफल होगा। इसरो के वैज्ञानिकों ने इस काम में दो बार सफलता हासिल की है। चंद्रयान 3 का उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करना है।
Chandrayaan 3 Tracker: कहां पर है चंद्रयान-3? इसरो के लाइव ट्रैकर पर आप भी देखें पल-पल की अपडेट
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कहां पहुंचा चंद्रयान-3
चंद्रयान-3 करीब 38000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की तरफ बढ़ रहा है। बेंगलुरु स्थिति इसरो टेलिमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) चंद्रयान-3 की गति, सेहत और दिशा पर लगातार नजर रख रहा है। इसरो ने आम लोगों के लिए एक लाइव ट्रैकर लॉन्च किया है। इससे आप भी देख सकते हैं कि अंतरिक्ष में इस समय चंद्रयान-3 कहां पर है और उसे चंद्रमा पर पहुंचने में कितना समय बचा है।
एक दिन बाद चंद्रयान-3 5 अगस्त 2023 की शाम को चंद्रमा के ऑर्बिट में प्रवेश करेगा। इस समय चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह से करीब 40 हजार किलोमीटर दूर होगा। यहां से चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति शुरू होती है।
चंद्रमा के ऑर्बिट में प्रवेश करने के लिए चंद्रयान-3 की गति को कम करना है। इस समय गति को 7200 से 3600 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच करना होगा। पांच से लेकर 23 अगस्त तक चंद्रयान-3 की गति को लगातार कम की जाएगी। चंद्रयान 3 को लूनर ऑर्बिट इन्सर्शन (Lunar Orbit Insertion) के जरिए चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
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चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति धरती से छह गुना कम है, इसकी वजह से चंद्रयान-3 की गति कम करनी पड़ेगी। दरअसल चंद्रयान-3 वर्तमान समय में 288 x 369328 किलोमीटर की ट्रांस लूनर ट्रैजेक्टरी में है। अगर यह चांद की ऑर्बिट में प्रवेश नहीं कर पाता है, तो 230 घंटे बाद यह धरती के पांचवी कक्षा वाले ऑर्बिट में लौट आएगा। इसरो के वैज्ञानिक एक और कोशिश करके इसे वापस चंद्रमा पर भेज सकेंगे।
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