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बीटलजूस: जल्द ही महाविस्फोट से फटेगा ये तारा, पृथ्वी से चांद जितने बड़े आकार का दिखेगा ये नजारा
Thu, 17 Jun 2021 03:41 PM IST
संकल्प सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Thu, 17 Jun 2021 03:41 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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लगभग 14 अरब साल पहले ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा और पदार्थ एक बिंदु में कैद थे। उस दौरान टाइम और स्पेस जैसी किसी भी चीज का अस्तित्व नहीं था। अचानक उस बिंदु के भीतर कुछ अज्ञात कारणों से एक महाविस्फोट (बिग-बैंग) हुआ। इस महाविस्फोट के चलते ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई और वह फैलने लगा। बिग बैंग के करीबन एक सेकेंड बाद न्यूट्रॉन, प्रोटॉन, इलेक्ट्रान और एंटी न्यूट्रॉन इलेक्ट्रान, प्रोटॉन अस्तित्व में आए। करोड़ों साल बाद ब्रह्मांड धीरे-धीरे ठंडा होने लगा। ब्रह्मांड के ठंडा होने से पदार्थ का जन्म हुआ। आज इस घटना को हुए करीबन 14 अरब साल बीत गए हैं। अब हर पल ना जाने कितने तारे निहारिकाओं के भीतर से जन्म ले रहें हैं और कितने महाविस्फोट (सुपरनोवा) के कारण खत्म हो रहें हैं। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ समय में बीटलजूस (आर्द्रा तारा) सुपरनोवा के चलते फटने वाला है। वैज्ञानिकों की मानें तो तारे का विस्फोट इतना बड़ा होगा कि पृथ्वी से भी इसका नजारा देखा जा सकेगा। इसका विस्फोट पृथ्वी से लगभग चांद जितने बड़े आकार में दिखेगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बीटलजूस तारे का जन्म करोड़ों वर्ष पहले विशाल आयतन वाले तारे के रूप में हुआ था। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो यह हमारी आकाशगंगा का 10वां सबसे चमकदार सितारा है। इसकी दूरी पृथ्वी से लगभग 724 प्रकाश वर्ष दूर है। इसका आकार हमारे सूर्य से लगभग 700 गुना ज्यादा है। ये तारा इतना विशाल है कि अगर इसे हमारे सौर मंडल में सूर्य की जगह पर रख दिया जाए तो इसका बाहरी वातावरण बृहस्पति ग्रह को भी पार कर जाएगा।
सुपरनोवा
- फोटो : twitter/ab_000077
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तारा जल्द ही अपनी समाप्ति की कगार पर पहुंचने वाला है और एक महाविस्फोट (सुपरनोवा) के चलते इसकी मृत्यु होगी। मृत्यु के बाद यह एक पल्सर (न्यूट्रॉन स्टार) बन जाएगा। 2019 के बाद से इसकी चमक धीरे-धीरे खत्म हो रही है। अब इसकी गिनती 10 की बजाए 21वें सबसे चमकदार सितारे में होने लगी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
हाल-फिलहाल में इस लाल तारे का व्यवहार काफी अजीबोगरीब हो गया है। वैज्ञानिकों की मानें तो बीटलजूस का जब महाविस्फोट होगा उस दौरान इसे पृथ्वी से आसानी से देखा जा सकेगा। रात के साथ-साथ इसके विस्फोट को दिन में भी नंगी आंखों के साथ लोग देख सकेंगे। ये खगोलिय घटना लगभग चांद जितने बड़े आकार की दिखेगी। ये अद्भुत नजारा कुछ सालों तक आसमान में बना रहेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Twitter - @chandraxray
हालांकि इस घटना से पृथ्वी पर कुछ खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कुछ जानवरों को दिक्कत आ सकती है, जो अपना सफर करने के लिए चांद के प्रकाश का सहारा लेते हैं। बीटलजूस के धमाके से उन्हें रात के अंधेरे में आसमान में दो बड़ी-बड़ी चमकदार चीजें दिखेंगी, जिसके चलते वे भ्रमित हो जाएंगे। कई वैज्ञानिक इसके फटने की दिन तारीख को लेकर एकमत नहीं हैं। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कुछ लाख साल बाद फटेगा। वहीं दूसरे खगोलविदों का कहना है कि बीटलजूस फट चुका है, परंतु उसका प्रकाश अब तक हमारे पास नहीं पहुंचा है इसलिए हमें इस विस्फोट का पता नहीं लग पाया है।