दुनिया के सात अजूबों के बारे में तो हम सभी जानते हैं। भारत के आगरा में स्थित ताजमहल से लेकर ग्रेट वॉल ऑफ चाइना तक दुनिया के सात अजूबों में शामिल हैं। हम आपको इन सात अजूबों के बारे में रोचक बातें बताएंगे जिनकी वजह से इनको 7 वंडर्स में शामिल किया है। शायद आप इन दिलचस्प बातों के बारे में नहीं जानते होंगे। तो आइए जानते हैं इन सातों अजूबों के बारे में अनसुनी बातें...
Seven Wonders of the World: दुनिया के 7 अजूबों से जुड़ीं ये दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे, जानिए क्या हैं रोचक तथ्य
ग्रेट वॉल ऑफ चाइना
चीन के पहले शासक किन शी हुआंग ने ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का निर्माण कराया था। करीब 20 साल में 21,196 किलोमीटर लंबी इस विशाल दीवार का निर्माण हो पाया था। इस दीवार से चीन की खूबसूरती नजर आती है। हुआंग ने अपने सामाज्य की रक्षा के लिए ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का निर्माण कराया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दीवार को पृथ्वी पर सबसे लंबा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। इस दीवार का निर्माण करने में 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गए। पुरातत्वविदों को इस दीवार के कुछ भागों में मानव अवशेष मिले हैं।
क्राइस्ट द रिडीमर, ब्राजील
125 फीट लंबी क्राइस्ट द रिडीमर को हेटर दा सिल्वा कोस्टा ने डिजाइन किया है। यह मूर्ति एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है जिसकी वजह से इस पर बिजली के गिरने का खतरा रहता है। कहा जाता है कि साल में तीन से बार बिजली इस मूर्ति से टकरा जाती है। 2014 में इस मूर्ति पर बिजली गिरी थी जिसकी वजह से इसका एक अंगूठा टूट गया था। इस संरचना का निर्माण ब्राज़ील में नहीं बल्कि फ्रांस में किया गया था।
कालीजीयम, इटली
सम्राट टाइटस वेस्पासियन ने 70 ईस्वी और 82 ईस्वी के बीच कालीजीयम का निर्माण कराया था। रोम में स्थित कालीजीयम दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित और प्राचीन एम्फीथिएटर है। इसका निर्माण करने में करीब 9 साल लग गए थे। इस एम्फीथिएटर के अंदर करीब चार लाख लोग मारे गए थे। इस संरचना ने कई घटनाओं, शो और प्रतियोगिताओं को देखा है।
माचू पिच्चू, पेरू
दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में स्थित माचू पिच्चू इंका सभ्यता से संबंधित एक एतिहासिक स्थल है। यह शहर करीब 8,000 फीट की उंचाई पर उरुबाम्बा घाटी के ऊपर एक पहाड़ पर स्थित है। माचू पिच्चू दुनिया के सात अजूबों में शामिल है। माचू पिच्चू को 'इंकाओं का खोया हुआ शहर' कहा जाता है। यह इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीकों में से एक है। इसे पेरू का एक एतिहासिक देवालय भी माना जाता है, इसलिए इसे एक पवित्र स्थान माना गया। साल 1983 में इसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया है। इंति वाताना, सूर्य का मंदिर और तीन खिड़कियों का कमरा माचू पिच्चू के प्रमुख संरचना हैं। बताया जाता है कि जिन पत्थरों से इस शहर का निर्माण किया गया था उनमें से कई 50 पाउंड वजन के थे। इन पत्थरों को पहाड़ों पर ले जाने के लिए किसी पहिए का प्रयोग नहीं हुआ था।