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अजब-गजब: ये हैं ब्रह्मांड के पांच सबसे बड़े रहस्य, जो आज भी हैं अनसुलझे
Thu, 24 Jun 2021 07:01 PM IST
संकल्प सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Thu, 24 Jun 2021 07:01 PM IST
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ब्रह्मांड (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
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ब्रह्मांड अपने भीतर ना जाने कितने रहस्यों को छुपाए हुए है, जिन्हें आज तक विज्ञान भी ठीक ढंग से समझ नहीं सका है। ऐसे में आज हम ब्रह्मांड के पांच सबसे बड़े रहस्यों को समझेंगे, जो आज भी हैं अनसुलझे। अंतरिक्ष सदा से हमारी जिज्ञासाओं का केंद्र रहा है। ग्रह, नक्षत्र और तारों के साथ हमारा रिश्ता काफी पुराना है। इस अनंत असीमित ब्रह्मांड में लाखों रहस्य छिपे हैं। ज्यों-ज्यों विज्ञान का दायरा बढ़ा है, त्यों-त्यों इस ब्रह्मांड के रहस्य उजागर हुए हैं। विज्ञान ने ब्रह्मांड को देखने का एक अलग नजरिया हम लोगों को दिया है। आज हम भले ही बहुत आगे बढ़ गए हैं, पर जो मूलभूत सवाल थे जैसे इस ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई? इसे कौन चला रहा है? ब्लैक होल क्या होता है? उसके अंदर क्या है? ऐसे ना जाने कितने सवालों का उत्तर हमें अब तक पता नहीं लग पाया है। आज भले ही ये रहस्य हमारी समझ के परे लग रहे हों। उम्मीद है कि आने वाले वक्तों में विज्ञान इनकी पहेलियों को सुलझाएगा और अंतरिक्ष की एक व्यापक तस्वीर हमारे समक्ष खड़ी करेगा। इसी कड़ी में आइए जानते हैं अंतरिक्ष के पांच सबसे बड़े रहस्यों को -
बिग-बैंग
- फोटो : Pixabay
ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई?
बिग-बैंग ब्रह्मांड की शुरुआत की सबसे प्रचलित वैज्ञानिक धारणाओं में से एक है। बेल्जियम के एक खगोलविद जॉर्ज हेनरी लेमैत्रे ने इस सिद्धांत को दिया। इस सिद्धांत के अनुसार लगभग 14.5 अरब वर्ष पहले ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा, भौतिक पदार्थ और अस्तित्व एक बिंदु में कैद था। अचानक एक बहुत बड़ा विस्फोट हुआ। और समय, स्पेस और मैटर अस्तित्व में आए। यहीं से ब्रह्मांड की उत्पत्ति होने की शुरुआत हुई। तब से ब्रह्मांड निरंतर फैलता जा रहा है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
पर कई बड़े वैज्ञानिकों का मानना है कि बिग-बैंग थ्योरी एक कल्पना है। उनका कहना है कि किसी भी घटना को घटित होने के लिए समय की जरूरत होती है। बिग-बैंग से पहले समय नहीं था। बिना समय की उपस्थिति के बिग-बैंग घटित कैसे हुआ? अचानक से समय की उपस्थिति बिग-बैंग की घटना से कुछ क्षण पहले कैसे हुई? बिग-बैंग थ्योरी के पास इन सवालों का कोई ठोस उत्तर नहीं है। महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का मानना था कि ब्रह्मांड अचानक से स्वतः ही स्फूर्त होकर आया है। बिग-बैंग हमारी अब तक के ज्ञात जानकारियों में सबसे सटीक सिद्धांत है। पर ये कितना सच है? इसका कोई प्रमाण हमारे पास अब तक नहीं है। इस सिद्धांत के भीतर कई बड़े अंतर्विरोध हैं। इस रूप में ब्रह्मांड का सृजन कैसे हुआ? ये आज भी एक रहस्य का विषय बना हुआ है।
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universe
डार्क मैटर और डार्क एनर्जी का रहस्य
अंतरिक्ष का 95 फीसद हिस्सा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी से मिल कर बना है। बाकी का पांच प्रतिशत हिस्सा भौतिक पदार्थों से। इनमें ग्रह, नक्षत्र, तारे वे सभी आते हैं, जिन्हें हम देख सकते हैं। वैज्ञानिकों का मत है कि डार्क मैटर और डार्क एनर्जी ही वह कड़ी है, जिसने इस पूरे ब्रह्मांड को एक सिलसिलेवार ढंग से बांध रखा है। डार्क मैटर ऐसे पदार्थों से मिल कर बने हैं जो लाइट को ऑब्ज़र्व, इमिट और रिफ्लेक्ट नहीं करते। इस कारण अब तक के साधनों के बल पर इसे देख पाना संभव नहीं है। वैज्ञानिक परिकल्पना कहती है कि डार्क मैटर और डार्क एनर्जी ही इस ब्रह्मांड का आधार हैं। इसी पदार्थ से पूरे ब्रह्मांड का अस्तित्व बना है। इन पदार्थों की कोई विकसित समझ हमारे पास अब तक नहीं है। इसको समझ पाने का कोई ठोस आधार भी हमें अब तक नहीं मिला है। पर इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि इन पदार्थ का अस्तित्व नहीं होता। इन पदार्थों के विषय में हमारे पास अधिक जानकारी नहीं है। केवल परिकल्पनाओं के सहारे ही वैज्ञानिक इसे समझने की कोशिश कर रहें है।
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ब्लैक होल
- फोटो : Pixabay
ब्लैक होल
ब्लैक होल ब्रह्मांड के सबसे सघन ऑब्जेक्ट में से एक हैं इनका गुरुत्वाकर्षण खिंचाव इतना अधिक होता है कि इसमें से लाइट भी बच कर नहीं निकल पाती। ब्लैक होल का निर्माण विशालकाय तारों के अंदर होने वाले महाविस्फोट (सुपरनोवा) के कारण होता है। इसकी सर्वप्रथम खोज कार्ल स्कवार्जस्चिल्ड और जॉन व्हीलर ने की थी। विज्ञान के विस्तार ने ब्लैक होल के कई रहस्यों से पर्दा उठाया है, पर आज भी इससे जुड़े कई ऐसे रहस्य हैं, जिनके ऊपर से पर्दा अब तक नहीं उठा है। इनमें से एक है कि ब्लैक होल के भीतर क्या है? इस सवाल का जवाब अब तक किसी के पास नहीं है।