उत्तर बिहार के सबसे व्यावसायिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर जिले ने परिवहन के क्षेत्र में एक अहम मील का पत्थर हासिल किया है। जिले में परिवहन सेवा के 100 साल पूरे हो चुके हैं। यह यात्रा 1925 में शुरू हुई थी, जब पहली बस ने मुजफ्फरपुर से मिथिला क्षेत्र के सीतामढ़ी के लिए अपनी सेवा दी थी। हालांकि, उस समय आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी के कारण बहुत कम लोग इसका उपयोग कर पाते थे, लेकिन यह सेवा एक नए युग की शुरुआत थी।
Bihar: मुजफ्फरपुर परिवहन सेवा ने पूरे किए 100 साल, मिथिला की इस जगह के लिए हुई थी पहली बस की ऐतिहासिक शुरुआत
Muzaffarpur Transport Service: मुजफ्फरपुर में पहली बार मोटर बस सेवा 1925 में शुरू हुई। यह सेवा तत्कालीन बीएनडब्ल्यू रेलवे (अब पूर्व मध्य रेलवे) के गार्ड गुलाब राय के प्रयासों से शुरू हुई थी। पढ़ें पूरी खबर...।
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मुजफ्फरपुर: परिवहन के क्षेत्र में विकास की कहानी
मुजफ्फरपुर में परिवहन का विकास आजादी के बाद तेजी से हुआ। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राज्य राजमार्गों (SH) की बेहतर कनेक्टिविटी ने इसे उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र बना दिया। जिले से होकर गुजरने वाले NH 77, NH 28, NH 722, NH 57 और NH 102 जैसे मार्ग इसे बिहार के अन्य जिलों और राज्यों से जोड़ते हैं।
आधुनिक परिवहन प्रणाली के विकास से पहले, नदियों के माध्यम से अधिकतर व्यापार और यातायात होता था। पटना जाने के लिए नाव और जलमार्ग ही एकमात्र विकल्प थे। लेकिन रेल और सड़क मार्ग के आने से यह तस्वीर बदल गई।
पहली कार और लोगों का गाड़ियों से जुड़ाव
मुजफ्फरपुर के लोगों में गाड़ियों के प्रति शौक आजादी से पहले से ही देखा गया। 1920 के दशक में महादेव शाह नामक कारोबारी ने जिले में पहली कार खरीदी थी। यह वही समय था, जब जिले में बस सेवा की शुरुआत हुई।
रेलवे से जुड़ने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मुजफ्फरपुर में रेलवे का आगमन 1886 में हुआ। गजेटियर के अनुसार, तिरहुत स्टेट को एक नवंबर 1875 को रेलवे से जोड़ा गया। 15 जनवरी 1886 को इसे पहलेजा घाट तक रेलवे लाइन से जोड़ा गया। इसके बाद इसे वाया सोनपुर उत्तर प्रदेश के वर्तमान क्षेत्रों से जोड़ा गया। रेलवे के आगमन ने जिले की व्यावसायिक और परिवहन क्षमताओं को और मजबूत किया। 1953 में यह सेक्शन नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे का हिस्सा बना और बाद में मुजफ्फरपुर रेलवे के एकाउंट और ऑडिट के मुख्य कार्यालय के रूप में विकसित हुआ।
इतिहास से सीखते हुए आधुनिकता की ओर कदम
मुजफ्फरपुर की परिवहन सेवा का यह 100 वर्षों का सफर न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यह जिले के विकास की कहानी भी कहता है। जहां एक ओर यह सेवा आर्थिक और तकनीकी चुनौतियों का सामना करते हुए शुरू हुई, वहीं आज यह आधुनिकता और प्रगति का प्रतीक बन चुकी है।