Bihar Flood: कोई भी गाड़ी रुकते ही टूट पड़ते हैं बाढ़ पीड़ित, सहरसा में मंत्री-मेयर को घेरा; लूटी राहत सामग्री
Bihar Flood: कोई भी गाड़ी रुकते ही टूट पड़ते हैं बाढ़ पीड़ित, सहरसा में मंत्री-मेयर को घेरा; लूटी राहत सामग्री
Bihar: Flood victims in Saharsa surrounded Minister Dilip Jaiswal, Neeraj kumar Babloo, looted relief material
बाढ़ पीड़ितों ने कहा कि भोजन भी ससमय नहीं मिलता है और मिलता भी है तो उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं होती है। दिन का भोजन दोपहर दो बजे मिलता है, तब तक बच्चे भूख से बिलख जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय छुटभैए नेता के कारण लोगों को प्लास्टिक शीट भी सभी को नहीं मिली। लोगों ने कहा कि मवेशी चारा के लिए भूखे हैं। महाजन से पैसे लेकर चारा लाते हैं। ये समस्याएं सुनकर पीएचईडी मंत्री ने लोगों को काफी समझाया-बुझाया, लेकिन महिलाएं कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुईं। उसके बाद प्रशासन ने महिलाओं को किसी तरह वाहन के आगे से हटाकर मंत्री के काफिले को आगे बढ़ाया।
गौरतलब है कि मंत्री शनिवार को महिषी अंचल क्षेत्र के ब्रह्मपुर में संचालित राहत मेगा शिविर का मुआयना करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने खुद से पीड़ितों के बीच खाना भी परोसा और खुद भोजन किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद महिलाएं और पुरुष राहत सामग्री के लिए टकटकी लगाए थे। जैसे ही मंत्री विदा हुए लोगों ने काफिले को घेर कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मौके पर स्थानीय विधायक गुंजेश्वर साह, भाजपा विधायक आलोक रंजन, नगर निगम की महापौर बैन प्रिया, भाजपा नेत्री लाजवंती झा, सदर एसडीओ प्रदीप कुमार झा, सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, जलई ओपी प्रभारी ममता कुमारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
राहत सामग्री को देख टूट पड़े बाढ़ पीड़ित, मची लूट
महिषी प्रखंड क्षेत्र के ब्रह्मपुर स्थित बाढ़ राहत शिविर से जैसे ही राजस्व मंत्री का काफिला आगे बढ़ा कि पीछे से आ रहे एक पिकअप वाहन पर लदी राहत सामग्री पर लोगों की नजर पड़ी। उसके बाद लोग उस पर टूट पड़े, देखते ही देखते लूट मच गई। दरअसल, काफिले के पीछे चल रही पिकअप पर राहत सामग्री लदी थी, जो भाजपा लिखे झोलों में थी। दर्जनों महिला, बच्चे और बूढ़े राहत सामग्री की बात सुनकर पिकअप पर चढ़ कर उसे लूटने लगे। इस दौरान चालक लोगों से विनती करता रहा, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। चालक चाह कर भी वाहन लेकर भाग नहीं सकता था, क्योंकि आगे भी महिलाएं और बच्चे थे। देखते ही देखते दस मिनट के अंदर पिकअप पर लदी पूरी राहत सामग्री को लोगों ने लूट लिया, जिसके बाद लोगों ने गाड़ी को छोड़ा। लोगों की परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके बाद सड़क पर गिरे राशन को भी लोगों ने नहीं छोड़ा और उसे भी समेट कर अपने साथ ले गए।
लोगों ने कहा कि बाढ़ में उनका घर और फसल सब तो बर्बाद हो ही गया है। लगता है कि भूख से कई की मौत होगी। लोगों को भरपेट भोजन नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने कहा कि भूख से बच्चे और बूढ़े तक परेशान हैं। राहत शिविर में दो समय खाना मिलता जरूर है, लेकिन बच्चों और बूढ़ों को उससे संतुष्टि नहीं मिलती है। बच्चों को दूध और बिस्कुट भी नहीं मिल पा रहा है।