Bihar: हम पार्टी के झंडे और हथियार संग युवक का वीडियो सामने आया, राजद ने मांझी से मांगा जवाब; JDU का ऐसा रुख
Gayaji News: वायरल वीडियो को लेकर राजद नेता अभय कुशवाहा ने कहा कि जीतन राम मांझी अक्सर विपक्षी नेताओं के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन जब उनकी खुद की पार्टी का कोई व्यक्ति हथियार लहराता है और झंडा उठाकर शक्ति प्रदर्शन करता है, तब वे चुप क्यों हैं?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजद ने किया हमला, मांझी से जवाब तलब
इस वीडियो को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संसदीय दल के नेता अभय कुशवाहा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी अक्सर विपक्षी नेताओं के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन जब उनकी खुद की पार्टी का कोई व्यक्ति हथियार लहराता है और झंडा उठाकर शक्ति प्रदर्शन करता है, तब वे चुप क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया था, तब मांझी ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी कि राहुल को उस वक्त किडनैप कर लिया जाता। अब जबकि मांझी की पार्टी का युवक खुलेआम हथियार लहरा रहा है, तो क्या यही वह गैंग है? अभय कुशवाहा ने कहा कि इस मामले में प्रशासन और सरकार दोनों को सख्त कदम उठाना चाहिए और मांझी को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
जदयू द्वारा AI के इस्तेमाल के जिक्र के क्या मायने?
वहीं, जदयू के प्रदेश सचिव चन्दन कुमार यादव ने इस मामले में संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि वीडियो में जो कुछ दिख रहा है, वह सही है या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए बहुत कुछ बनाया जा सकता है, इसलिए वीडियो की प्रामाणिकता की जांच गया के वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर वीडियो असली है और युवक के पास असली हथियार है, तो वह चाहे किसी भी पार्टी से जुड़ा हो, उस पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। नीतीश कुमार की सरकार में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।
यह भी पढ़ें- Bihar News: बेटे के जन्म लेते ही पिता का साया उठा, परिजन बोले- बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर मार डाला
प्रशासनिक चुप्पी पर भी उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होते ही आम लोगों के बीच भी चिंता और आक्रोश की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर किसी अन्य पार्टी का कार्यकर्ता ऐसा करता तो शायद तुरंत गिरफ्तारी होती, लेकिन जब सत्ता पक्ष से जुड़े लोग इस तरह की हरकत करते हैं तो प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में आती है। वहीं अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।