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Malmas Mela: फलाहारी बाबा ने ध्वजारोहण कर की शुरुआत, 33 कोटी देवी-देवता का आह्वान, महीने भर राजगीर में प्रवास

Tue, 18 Jul 2023 03:13 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 18 Jul 2023 03:13 PM IST
सार

Malmas Mela: फलाहारी बाबा ने ध्वजारोहण कर की शुरुआत, 33 कोटी देवी-देवता का आह्वान, महीने भर राजगीर में प्रवास
Falahari Baba started Malmas Mela by hoisting flag, invoking 33 crore deities, staying in Rajgir for a month
 

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Falahari Baba started Malmas Mela by hoisting flag, invoking 33 crore deities, staying in Rajgir for a month
मलमास मेला की शुरुआत करते फलाहारी बाबा - फोटो : अमर उजाला

राजकीय राजगीर मलमास मेला की शुरुआत मंगलवार से यज्ञशाला में ध्वजारोहण के साथ ही शुरू हो गई है। एक महीने तक चलने वाला पुरुषोत्तम मास मेला 18 जुलाई से 16 अगस्त तक चलेगा। करपात्री अग्निहोत्री परमहंस स्वामी चिदात्मन जी महाराज फलाहारी बाबा ने ध्वजारोहण का कार्य किया। इसके पहले ब्रह्मकुंड परिसर स्थित सप्तधारा में पूरे विधि विधान से संत महात्माओं और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। साथ ही इस दौरान 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान भी किया गया।



तीर्थ पूजन कार्यक्रम मंगलवार की सुबह ही शुरू हो गया था। जो करीब तीन घंटे तक चला। उसके बाद ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ और मौके पर आए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर पंडा समिति के अध्यक्ष नीरज उपाध्याय, सचिव विकास उपाध्याय, कोषाध्यक्ष ओमकार नाथ उपाध्याय समेत पंडा समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Falahari Baba started Malmas Mela by hoisting flag, invoking 33 crore deities, staying in Rajgir for a month
पुरोहितों और श्रद्धालुओं को किया गया प्रसाद का वितरण - फोटो : अमर उजाला

ऐसी मान्यता है कि अधिक मास में सनातन धर्म के 33 कोटि देवी-देवता एक महीने तक राजगीर में ही प्रवास करते हैं। प्राचीन वैभवशाली मगध साम्राज्य की हृदयाशाली समृद्ध धार्मिक विरासत के सृजन भूमि राजगृह में चार शाही स्नान होंगे। 

राजगीर में 22 कुंड और 52 जल धाराओं में इस बार श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। सभी कुंड और जल धाराओं का जीर्णोद्धार कराया गया है, जिसमें सबसे खास वैतरणी नदी है। इस नदी तट को लोग प्राचीन समय से ही गाय की पूंछ पकड़कर पार किया करते थे। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

संध्या में होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिला प्रशासन के द्वारा एक महीने तक मलमास मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा, जो आज मंगलवार की संध्या से ही शुरू हो जाएगा। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम चार बजे से लेकर शाम के सात बजे तक चलेगा। पहले दिन सूचना जनसंपर्क विभाग के कलाकारों के द्वारा विशेष प्रस्तुति होगी। उसके बाद सरस्वती वंदना, गायन, अपन बिहार पर आधारित नृत्य, कथक नृत्य, बिहार गीत, कजरी और गायन के साथ पहले दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन होगा।

मुख्य शाही स्नान की तिथि और दिन

  • पुरुषोत्तम एकादशी 29 जुलाई दिन शनिवार
  • पुरुषोत्तमी पूर्णिमा एक अगस्त दिन मंगलवार
  • पुरुषोत्तमी एकादशी 12 अगस्त दिन शनिवार
  • पुरुषोत्तमी अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार
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