अमेरिकी राष्ट्रपति #NamasteTrump कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 24 फरवरी को गुजरात पहुंच रहे हैं। इस इवेंट में नके साथ प्रधानमंत्री मोदी भी होंगे। दो दिन के अपने भारत प्रवास कार्यक्रम में ट्रंप आगरा भी जाएंगे और इस दौरान उनके साथ होगा अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा का भारीभरकम अमला। ट्रंप के साथ तकरीबन 12 कैडिलैक यानी द बीस्ट भी आई हैं। इसके अलावा उनके काफिले में अलग-अलग गाड़ियों के साथ एक खास गाड़ी भी होगी, जिसे इस काफिले का कमांड सेंटर भी कहा जाता है। आमतौर पर ट्रंप के काफिले में 14 से लेकर 25 गाड़ियां तक होती हैं। जानते हैं उनके काफिले में शामिल गाड़ियों के बारे में...
अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले में होगी ये ‘रहस्यमयी’ कार, ‘द बीस्ट’ और बाकी कारों से होगी अलग
द बीस्ट
ट्रंप के काफिले में लोगों की निगाहें द बीस्ट पर होंगी। प्रेसिडेंट कैडिलैक वन यानी द बीस्ट से ही सफर करते हैं। इसकी खासियतों के बारे में पहले ही दुनियाभर को पता है। बम ब्लास्ट तक को झेलने वाली इस लिमोसिन कार की बॉडी टाइटेनियम, स्टील और सिरेमिक से बनी है। इसकी पांच इंच मोटी पॉलीकॉर्बोनेट से बनी विंडो स्नाइपर्स राइफल की गोलियों को झेल सकती है। बीस्ट में स्मोक स्क्रीन, ऑयल स्लीक्स, पंप एक्शन शॉट गन, टीयर गैस कैनन जैसी रक्षात्मक प्रणाली भी होती है। राष्ट्रपति के काफिले के साथ दो एक जैसी लिमोसिन चलती हैं, जिससे यह पता लगाना मुश्किल होता है कि राष्ट्रपति किस गाड़ी में बैठे हैं।
हॉकआई
उनके काफिले में कई काउंटर असाल्ट व्हीकल्स भी होते हैं, जिन्हें हॉकआई (Hawkeye) के नाम से जाना जाता है। ये पूरे काफिले में आगे से लेकर पीछे तक होती हैं। ये अकसर फोर्ड एसयूवी होती हैं, जो कस्टमाइज्ड होती हैं। इन्हें Ford F350 पिकअप ट्रक्स भी कहा जाता है। हाल ही में ट्रंप के काफिले में कुछ शेवरले सबअर्बन एसयूवी भी आई हैं।
रोडरनर
ट्रंप के काफिले में एक खास गाड़ी भी नजर आएगी। इस रहस्यमयी कार को जून 2018 में ट्रंप के काफिले में पहली बार स्पॉट किया गया था। हरक्यूलिस विमान से आने वाली वाली गाड़ियों में यह गाड़ी भी शामिल थी। इसके बारे में कहा जाता है कि यह ट्रप के काफिले की सबसे ताकतवर कार है। इसे रोडरनर कार भी कहते हैं और यह कार भी भारत पहुंची है। यह कार काफिले का मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल व्हीकल है और व्हाइट हाउस और पेंटागन से कंट्रोल होती है। इसी कार से अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले का संदेश व्यवहार होता है। टैंक प्लेट से बनी इस कार के ऊपर गुंबद के आकार का गोल 360 हाई रिजॉल्यूशन इमेजिंग सिस्टम होता है, जो फेस रिकग्जाइजेशन सॉफ्टवेयर से लैस है। साथ ही रूफ लाइन पर सैटेलाइट कम्यूनिकेशन के लिए एंटिना लगा होता है। Ford F350 ड्यूटी में छह दरवाजे होते हैं।
हाफबैक
हाफबैक कार प्रेसींडट लिमोसिन के पीछे चलती है। इस कार में यूएस सीक्रेट सर्विस के अधिकारी होते हैं। सुरक्षा के लिहाज से काफिले में कई गाड़ियां हाफबैक के तौर पर इस्तेमाल होती हैं। इनमें से ज्यादातर आर्मर्ड होती हैं।