सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए कोहरे के दिनों से पहले यमुना एक्सप्रेसवे पर कारों और अन्य वाहनों की स्पीड लिमिट (गति सीमा) में संशोधन किया गया है। एक्सप्रेसवे पर टोल संग्रह के लिए जिम्मेदार एजेंसी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने उत्तर प्रदेश में दिल्ली और आगरा को जोड़ने वाले 165 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर गति सीमा में बदलाव किया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी गति सीमा कम कर दी गई है। दोनों एक्सप्रेसवे पर नई गति सीमा अगले साल 15 फरवरी तक लागू रहेगी।
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ग्रेटर नोएडा में छाई धुंध
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YEIDA ने किए कई उपाय
165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सर्दियों के महीनों में सड़क दुर्घटनाएं आम बात हैं। घने कोहरे के कारण इस चरण के दौरान इन दोनों एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो जाती है। YEIDA ने इन एक्सप्रेसवे पर अगले तीन महीनों में सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं। एजेंसी ने दृश्यता में सुधार के लिए नए साइनेज और फॉग लाइट लगाए हैं।
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एम्बुलेंस, क्रेन और फायर टेंडर भी तैनात किए गए हैं। नोएडा ट्रैफिक पुलिस इस चरण के दौरान वाहनों की गति सीमा की निगरानी के लिए गश्त भी सुनिश्चित करेगी।
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यमुना एक्सप्रेसवे
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यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नई गति सीमा
संशोधित गति सीमा यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए एक वार्षिक कार्य योजना का हिस्सा है। दोनों एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा और भारी और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटा है। लेकिन इसे संशोधित कर गति सीमा को कारों के लिए 75 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है। जबकि ट्रकों और बसों को 50 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से नहीं चलना होगा।
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यमुना एक्सप्रेसवे
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यमुना एक्सप्रेसवे पर गति सीमा का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक जुर्माना
यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नई गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों को भारी ट्रैफिक जुर्माना देना होगा। नोएडा पुलिस ओवरस्पीडिंग वाहनों की जांच के लिए एक्सप्रेसवे पर स्पीड मॉनिटर लगाएगी। अगले तीन महीनों में संशोधित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले कारों और दोपहिया वाहनों को 2,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। ट्रकों और बसों के लिए, ट्रैफिक जुर्माने की राशि दोगुनी यानी 4,000 रुपये है।