इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अधिक किफायती बनाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियां अब 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (Battery-as-a-Service) (BaaS) मॉडल पर जोर दे रही हैं। इस व्यवस्था में ग्राहक वाहन खरीदते समय बैटरी की पूरी कीमत नहीं चुकाते, जिससे कार की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। हालांकि, इसके बदले बैटरी के लिए अलग से मासिक या इस्तेमाल के आधार पर भुगतान करना पड़ता है। जिससे लंबे समय में वाहन का कुल खर्च बढ़ सकता है।
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Battery-as-a-Service (BaaS) क्या है और इससे शुरुआती कीमत कैसे कम होती है?
BaaS मॉडल में वाहन और बैटरी को अलग-अलग माना जाता है। ग्राहक कार खरीदते समय केवल वाहन की कीमत चुकाते हैं। जबकि बैटरी का भुगतान अलग योजना के तहत किया जाता है।
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शुरुआती कीमत में बड़ी कमी आती है।
बैटरी की कीमत अलग होने से ईवी खरीदने के लिए शुरुआती निवेश कम करना पड़ता है। जिससे ज्यादा ग्राहक इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर विचार कर सकते हैं। -
Tata Punch EV की कीमत 9.7 लाख से घटकर 6.5 लाख रुपये हो जाती है।
बैटरी फाइनेंसिंग प्लान के तहत इस मॉडल की शुरुआती कीमत काफी कम हो जाती है। -
Hyundai Creta Electric भी करीब 7 लाख रुपये सस्ती हो जाती है।
BaaS मॉडल के तहत इसकी शुरुआती कीमत 18 लाख रुपये से घटकर लगभग 11 लाख रुपये रह जाती है। -
Maruti Suzuki Grand Vitara EV की शुरुआती कीमत भी लगभग 8 लाख रुपये तक कम हो सकती है।
इस मॉडल में भी बैटरी को अलग फाइनेंस करने की सुविधा मिलने से शुरुआती खरीद आसान हो जाती है।