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Road Accidents: 'हर दुर्घटना के लिए ड्राइवर को दोषी ठहराया जाता है', गडकरी ने बताई सड़क हादसों की असली वजह
Tue, 05 Dec 2023 03:58 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 05 Dec 2023 03:58 PM IST
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Nitin Gadkari
- फोटो : Social Media
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि भारत में हर साल होने वाली पांच लाख दुर्घटनाओं का कारण अक्सर दोषपूर्ण सड़क इंजीनियरिंग होती है। उन्होंने इंजीनियरों से जीवन बचाने के लिए ब्लैक स्पॉट को हटाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : For Reference Only
उन्होंने कहा, "भारत में सालाना 5 लाख दुर्घटनाएं होती हैं और 1.5 लाख मौतें होती हैं, और 3 लाख लोग घायल होते हैं। इससे देश की जीडीपी को 3 प्रतिशत का नुकसान हुआ। बलि के बकरे की तरह, हर दुर्घटना के लिए ड्राइवर को दोषी ठहराया जाता है। मैं आपको बता दूं, और मैं बारीकी से देखता हूं - अक्सर, सड़क इंजीनियरिंग में गलती होती है।"
उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उनकी ठीक से इंजीनियरिंग की जाए।
उन्होंने कहा, "मैं भी एक दुर्घटना का शिकार हो गया था और मेरी चार हड्डियां टूट गई थीं। कई लोग मर रहे हैं। दुर्घटना में होने वाली मौतों में 60 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष की आयु के लोगों की होती हैं और उनमें से कई इंजीनियर और डॉक्टर हैं। क्या यह देश के लिएअच्छा है? क्या आप इंजीनियर के तौर पर ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर काम कर सकते हैं? मैं आपसे दोषपूर्ण इंजीनियरिंग के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए काम करने का अनुरोध करता हूं।''
मंत्री ने डिजाइन और गुणवत्ता से समझौता किए बिना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रवीणता की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण करते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उनकी ठीक से इंजीनियरिंग की जाए।
उन्होंने कहा, "मैं भी एक दुर्घटना का शिकार हो गया था और मेरी चार हड्डियां टूट गई थीं। कई लोग मर रहे हैं। दुर्घटना में होने वाली मौतों में 60 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष की आयु के लोगों की होती हैं और उनमें से कई इंजीनियर और डॉक्टर हैं। क्या यह देश के लिएअच्छा है? क्या आप इंजीनियर के तौर पर ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर काम कर सकते हैं? मैं आपसे दोषपूर्ण इंजीनियरिंग के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए काम करने का अनुरोध करता हूं।''
मंत्री ने डिजाइन और गुणवत्ता से समझौता किए बिना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रवीणता की जरूरत पर भी जोर दिया।
भारतीय राजमार्गों का विकास
- फोटो : For Reference Only
उन्होंने कहा, "हमें गुणवत्ता से समझौता किए बिना निर्माण की लागत कम करने की जरूरत है। और यह संभव है। हमें मानसिकता बदलनी होगी, सकारात्मक सोचना होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा।"
उन्होंने कहा, किसी परियोजना को लागत प्रभावी बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात निर्माण की लागत को कम करना है। जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी आदि में देरी के कारण कई बार बढ़ जाती है।
गडकरी ने वैकल्पिक निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया, जो लागत कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। और कहा कि स्टील और सीमेंट कंपनियां अपने एकाधिकार के कारण बिना किसी कारण के अपनी दरें बढ़ाती रहती हैं।
उन्होंने कहा, किसी परियोजना को लागत प्रभावी बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात निर्माण की लागत को कम करना है। जो भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी आदि में देरी के कारण कई बार बढ़ जाती है।
गडकरी ने वैकल्पिक निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया, जो लागत कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। और कहा कि स्टील और सीमेंट कंपनियां अपने एकाधिकार के कारण बिना किसी कारण के अपनी दरें बढ़ाती रहती हैं।
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National Highways
- फोटो : For Reference Only
पर्यावरण की रक्षा की जरूरत पर रोशनी डालते हुए, मंत्री ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 78,000 पेड़ों का प्रत्यारोपण किया है।
उन्होंने कहा, "हमें पर्यावरण की रक्षा करनी है, सामग्रियों की रीसाइकिलिंग करनी है और गुणवत्ता से समझौता नहीं करते हुए निर्माण की लागत कम करनी है। मैं आपसे इस एजेंडे के बारे में सोचने का अनुरोध करता हूं।"
उन्होंने कहा कि समय सबसे बड़ी पूंजी है और लागत कम करने के लिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जानी चाहिए कि कोई परियोजना समय पर पूरी हो।
मंत्री ने कहा, ''अगर हम समय कम करते हैं, तो इससे लागत, विवाद में कमी आएगी और काम में तेजी आएगी।'' उन्होंने कहा कि लोगों को नई तकनीक और पहल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमें पर्यावरण की रक्षा करनी है, सामग्रियों की रीसाइकिलिंग करनी है और गुणवत्ता से समझौता नहीं करते हुए निर्माण की लागत कम करनी है। मैं आपसे इस एजेंडे के बारे में सोचने का अनुरोध करता हूं।"
उन्होंने कहा कि समय सबसे बड़ी पूंजी है और लागत कम करने के लिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जानी चाहिए कि कोई परियोजना समय पर पूरी हो।
मंत्री ने कहा, ''अगर हम समय कम करते हैं, तो इससे लागत, विवाद में कमी आएगी और काम में तेजी आएगी।'' उन्होंने कहा कि लोगों को नई तकनीक और पहल अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।