फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Nitin Gadkari Announces Rs 5000 Retrofit Device to Upgrade Old BS-III, BS-IV Diesel Vehicles to BS-VI Emission

₹5000 की डिवाइस से होगा कमाल!: पुराने डीजल ट्रकों-बसों के प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने क्या नई घोषणा की?

Sat, 05 Sep 2026 01:04 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 05 Sep 2026 01:04 PM IST
सार

सरकार जल्द ही पुराने डीजल ट्रक और बस में एक विशेष रेट्रोफिट एमिशन-कंट्रोल डिवाइस लगाने की अनुमति देगी। जिसकी कीमत 5000 रुपये तक हो सकती है। दावा है कि यह तकनीक पुराने BS-III, BS-IV और अन्य डीजल वाहनों के उत्सर्जन स्तर को BS-VI मानकों के करीब लाने में मदद कर सकती है। जानें क्या है सरकार की योजना।

विज्ञापन
Nitin Gadkari Announces Rs 5000 Retrofit Device to Upgrade Old BS-III, BS-IV Diesel Vehicles to BS-VI Emission
Diesel Vehicles Emission Levels - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पुराने डीजल कमर्शियल वाहनों (ट्रकों और बसों) के मालिकों के लिए एक बड़ी राहत और तकनीकी समाधान की घोषणा की है। सरकार अब पुराने डीजल वाहनों में एक ऐसा रीट्रोफिट डिवाइस लगाने की अनुमति देने जा रही है, जो उनके उत्सर्जन स्तर को काफी हद तक आधुनिक BS-VI (बीएस-6) मानकों के करीब ले आएगा। 
विज्ञापन


हाल ही में, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने बताया कि आईआईटी, दिल्ली के इनोवेशन पर आधारित इस तकनीक का सफल परीक्षण पूरा हो चुका है। अब इसे BS-III, BS-IV और अन्य पुराने डीजल वाहनों पर लागू करने की पूरी तैयारी है। इस डिवाइस की अनुमानित कीमत 4,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच होगी।
विज्ञापन

केवल ₹5,000 की यह रेट्रोफिट डिवाइस गाड़ियों के प्रदूषण को कितना कम करेगी?

इस 'रेट्रोफिट एमिशन-कंट्रोल डिवाइस' (RECD) को पुराने और अत्यधिक धुआं छोड़ने वाले कमर्शियल वाहनों पर फिट करने के लिए डिजाइन किया गया है:
  • प्रदूषण में भारी कटौती: नितिन गडकरी के अनुसार, यह डिवाइस हवा में मिलने वाले खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर (PM) के उत्सर्जन को 90 प्रतिशत तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) के उत्सर्जन को 60 प्रतिशत तक कम कर सकती है।
  • सस्ता और प्रभावी विकल्प: बिना नया वाहन खरीदे या पूरा इंजन बदले, इस छोटी सी डिवाइस के जरिए पुराने डीजल वाहन BS-VI जैसे सख्त पर्यावरण मानकों का अनुपालन कर सकेंगे।
  • जनरेटर से प्रेरित तकनीक: गडकरी ने स्पष्ट किया कि इसी तरह की तकनीक का उपयोग पहले से ही डीजल जनरेटर के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। और अब इसे सड़कों पर दौड़ने वाले भारी वाहनों के लिए भी लाया जा रहा है।

क्या यह नई डिवाइस स्क्रैपेज नीति की जगह लेगी?

यह रेट्रोफिट विकल्प सरकार की मौजूदा व्हीकल स्क्रैपेज नीति को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उसके साथ मिलकर काम करेगा:
  • किफायती समाधान: जिन ट्रकों और बसों की स्क्रैपिंग की समयसीमा अभी पूरी नहीं हुई है। उनके मालिकों को वाहनों को कबाड़ में भेजने के बजाय प्रदूषण घटाने का एक बेहद सस्ता और कानूनी विकल्प मिल जाएगा।
  • मानकीकरण के लिए नया नियम: इस उपकरण के व्यावसायिक उपयोग को मानकीकृत करने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय 'ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 228' (AIS 228) को अधिसूचित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत डिवाइस की तकनीकी विशिष्टताएं और प्रदर्शन मानक तय किए जाएंगे।
विज्ञापन

सार्वजनिक परिवहन और बसों की कमी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने क्या चिंता जताई?

कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने देश में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और बसों की भारी किल्लत की तरफ ध्यान आकर्षित किया:
  • प्रति हजार व्यक्ति बसों का अनुपात: वैश्विक मानक के अनुसार प्रति 1,000 लोगों पर 8 बसें होनी चाहिए। जबकि भारत में यह आंकड़ा महज 2 बस प्रति 1,000 व्यक्ति है।
  • छोटे शहरों के लिए नए मॉडल्स: उन्होंने छोटे और मध्यम शहरों में सार्वजनिक परिवहन के नए और इनोवेटिव मॉडल्स लागू करने का आह्वान किया। क्योंकि ऐसे शहरों में भारी-भरकम बजट वाली मेट्रो रेल परियोजनाएं व्यावहारिक रूप से काफी खर्चीली साबित होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed