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भारत के कार बाजार में बड़ा बदलाव: सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी की हिस्सेदारी पहली बार पेट्रोल से आगे, क्या है वजह?
Sat, 05 Sep 2026 01:47 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:47 PM IST
सार
भारत के यात्री बाजार में ईंधन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अगस्त 2026 में सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की संयुक्त हिस्सेदारी 42 प्रतिशत रही। जो पहली बार पेट्रोल वाहनों की 41 प्रतिशत हिस्सेदारी से अधिक है। जानें किन वाहन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी कितनी रही।
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Clean Fuel Vehicles Vs Petrol Vehicles
- फोटो : Amar Ujala
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भारतीय पैसेंजर व्हीकल (PV) (यात्री वाहन) बाजार में हरित और स्वच्छ ईंधनों की ओर बदलाव ने अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ ली है। फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म 'इक्वायरस सिक्योरिटीज' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में सीएनजी (CNG), हाइब्रिड (Hybrid) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की कुल बिक्री 42 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
CNG Cars
- फोटो : Adobe Stock
पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों की बाजार हिस्सेदारी में कितना अंतर आया है?
रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2026 के दौरान ईंधन के आधार पर गाड़ियों की बिक्री में बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं:- पेट्रोल की हिस्सेदारी में रिकॉर्ड गिरावट: भारतीय बाजार में पेट्रोल कारों की बाजार हिस्सेदारी गिरकर अब तक के समय के कम 41 प्रतिशत पर आ गई है। जो पिछले साल के समान महीने में 46 प्रतिशत थी।
- सीएनजी का ऑल-टाइम हाई: इसके उलट, सीएनजी कारों की मांग में रिकॉर्ड तेजी आई है। और इसकी बाजार हिस्सेदारी पिछले साल के 21 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
- E20 ईंधन का असर: रिपोर्ट में बताया गया है कि पेट्रोल में E20 मिश्रण (20 प्रतिशत इथेनॉल) को लेकर ग्राहकों के मन में बनी झिझक ने भी लोगों को सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है।
Tata Tiago EV
- फोटो : Tata Motors
इलेक्ट्रिक कार मार्केट की ग्रोथ कैसी रही और इसमें दिग्गज कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
अगस्त 2026 के दौरान इलेक्ट्रिक कारों की कुल बिक्री में सालाना आधार पर 52 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया, जिसके साथ देश में कुल 30,700 इलेक्ट्रिक कारें बिकीं। इससे कुल कार बाजार में ईवी पैठ बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई है, जो अगस्त 2025 में 5.9 प्रतिशत थी:- टाटा मोटर्स का दबदबा बरकरार: 'टियागो ईवी' की मजबूत मांग और व्यापक पोर्टफोलियो के दम पर टाटा मोटर्स ने ईवी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की है। कंपनी की ईवी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 43 प्रतिशत हो गई है। जो दिसंबर 2025 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
- महिंद्रा, JSW MG और मारुति की स्थिति: बढ़ते मुकाबले के बीच JSW MG (जेएसडब्ल्यू एमजी) की हिस्सेदारी घटकर 15 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत पर आ गई है। वहीं, सेगमेंट में हाल ही में कदम रखने वाली मारुति सुजुकी ने इलेक्ट्रिक कार मार्केट के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से पर अपना कब्जा जमा लिया है।
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VinFast Green SM
- फोटो : Green SM
देश के किस राज्य या शहर में इलेक्ट्रिक कारों की पैठ सबसे ज्यादा दर्ज की गई?
क्षेत्रीय स्तर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त 2026 के दौरान 19 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक इलेक्ट्रिक कार पैठ दर्ज की गई:- टैक्सी फ्लीट का योगदान: रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि दिल्ली के इस ऊंचे आंकड़े में विनफास्ट (VinFast) द्वारा सप्लाई की गई कमर्शियल टैक्सी बेड़े का बड़ा योगदान रहा।
- वास्तविक निजी मांग: अगर टैक्सी बेड़े के रजिस्ट्रेशन को हटा भी दिया जाए, तो भी दिल्ली में ईवी की वास्तविक पैठ 12 से 14 प्रतिशत के आसपास रही। जो कि 7.7 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।