केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। गडकरी ने शुक्रवार को एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे गिनाए। पेट्रोल के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहन की तुलना करते हुए उन्होंने इस बात पर रोशनी डाली कि इलेक्ट्रिक वाहन चलाने से लोगों को कितना ज्यादा फायदा होगा। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से लोगों के जेब पर पड़ने वाले भार को कम करने में मदद मिलेगी और ईवी चलाने से भारी बचत होगी।
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Electric Car
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एक रुपये प्रति किमी का खर्च
इस कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि इस समय अगर एक पेट्रोल इंजन वाले वाहन से यात्रा करते हैं तो इससे एक किलोमीटर की यात्रा करने पर 10 रुपये का खर्च आता है। वहीं, डीजल इंजन वाले वाहन से एक किमी चलने का खर्च 7 रुपये होता है। जबकि इलेक्ट्रिक वाहन से एक किलोमीटर की दूरी तय करने का खर्च सिर्फ एक रुपये है।
पेट्रोल से चलने वाले वाहन पर अगर आप एक महीने में 20,000 रुपये खर्च करते हैं। तो इलेक्ट्रिक वाहन पर यह खर्च 1,500 रुपये से 2,000 रुपये होगा। इससे आपकी महीने की 18,000 रुपये की बचत होगी।
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प्रदूषण पर लगेगी लगाम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी वो दिल्ली में रहते हैं तो प्रदूषण के कारण से उन्हें कई बार इंफेक्शन हो जाता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण फैलने के बहुत से कारणों में से पेट्रोल-डीजल वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाए जाने से इसमें भी कमी आएगी। इसके साथ ही सरकार दिल्ली-एनसीआर के चारों ओर बड़ी परियोजनाओं पर भी काम कर रही है जिससे यहां यातायात में कमी आई है।
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Petrol Pump
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पेट्रोल आयात भार बढ़ रहा है
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात पर गडकरी ने कहा कि इस समय देश में 8 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात किया जाता है। आने वाले वर्षों में यह राशि बढ़कर 25 लाख करोड़ रुपये हो जाए इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इसलिए हमें विकल्प पर ध्यान देना होगा, जिससे देश के लोगों को एक सतत जीवन मिल सके।
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बंद नहीं होंगे पेट्रोल-डीजल वाहन
गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन आने पर सरकार पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों को बंद नहीं करेगी। बल्कि इसका भी विकल्प रहेगा। इसके अलावा वैकल्पिक ईंधन, बायो फ्यूल और फ्लैक्स फ्यूल इंजन जैसे विचारों पर भी अध्ययन चल रहा है।