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Diesel Engines: क्या चरणबद्ध तरीके से बंद होंगे डीजल इंजन! टाटा, महिंद्रा, ह्यूंदै और मर्सिडीज ने यह कहा
Wed, 13 Sep 2023 02:02 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 13 Sep 2023 02:02 PM IST
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Nitin Gadkari
- फोटो : Social Media
भारतीय कार निर्माता डीजल इंजनों के लिए अतिरिक्त टैक्स पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की टिप्पणी को वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहन में जल्द बदलाव के लिए जागृति के रूप में देखते हैं। मंगलवार को, गडकरी ने संकेत दिया कि डीजल इंजन पर जल्द ही 10 प्रतिशत प्रदूषण टैक्स लग सकता है, जिससे कई लोगों को विश्वास हो गया कि भारत में डीजल कारों के लिए रास्ता जल्द ही बंद हो सकता है। कार निर्माताओं ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सख्त उत्सर्जन मानदंडों के कारण नजदीकी भविष्य में डीजल वाहन उत्पादन की हिस्सेदारी में कमी आएगी।
Mahindra Thar
- फोटो : Mahindra
Mahindra and Mahindra (महिंद्रा एंड महिंद्रा), Tata Motors (टाटा मोटर्स), Hyundai (ह्यूंदै), Kia (किआ) और Honda (होंडा) जैसे कार निर्माता कुछ ऐसे हैं जो भारत में सबसे ज्यादा संख्या में डीजल वाहनों का उत्पादन करते हैं। Mercedes Benz (मर्सिडीज बेंज) और BMW (बीएमडब्ल्यू) भी लग्जरी सेगमेंट में डीजल वाहनों की सबसे बड़ी निर्माता हैं। मंगलवार को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन में, गडकरी ने उत्सर्जन में कटौती में मदद के लिए डीजल इंजन पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैक्स लगाने की जरूरत बताई थी। हालांकि, उन्होंने बाद से सफाई दी कि इस बारे में कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है।
2023 Tata Nexon Facelift
- फोटो : Tata Motors
गडकरी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सावधानी बरती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव डिवीजन के सीईओ विजय राम नाकरा ने स्वीकार किया कि इस तरह के कदम से "निश्चित रूप से बिक्री की मात्रा पर असर पड़ेगा।" हालांकि, टाटा मोटर्स द्वारा अपना रोडमैप बदलने की संभावना नहीं है। टाटा मोटर्स में यात्री वाहन और इलेक्ट्रिक वाहन मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा, "जब तक मांग रहेगी हम डीजल वाहन बनाना जारी रखेंगे।" पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में महिंद्रा और टाटा दोनों के पास डीजल कारों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
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Hyundai Exter
- फोटो : Hyundai
ह्यूंदै मोटर ने भी टाटा मोटर्स की बात दोहराते हुए कहा कि उसकी रणनीति ग्राहकों की मांग पर निर्भर करेगी। इस साल जनवरी से अगस्त के बीच ह्यूंदै के पोर्टफोलियो में डीजल कारों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से घटकर 18 फीसदी हो गई। ह्यूंदै मोटर इंडिया के सीओओ तरुण गर्ग ने कहा कि स्वच्छ ईंधन में बदलाव पहले ही शुरू हो चुका है। हालांकि, इसे पूरा होने में समय लगेगा। जहां तक गडकरी की टिप्पणी का सवाल है, उन्होंने कहा, "हमने हमेशा माना है कि यह सरकार का काम है। सरकार हमसे जो चाहेगी हम वही करेंगे और हमने हमेशा देश के सभी कानूनों का पालन किया है।"
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Maruti Suzuki Grand Vitara 2022
- फोटो : Maruti Suzuki
भले ही केंद्र ने भारी टैक्स लगाने के साथ डीजल इंजनों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना बनाई हो, मारुति सुजुकी इंडिया को लगता है कि नजदीकी भविष्य में भारत में डीजल वाहनों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन और बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, "यह एक प्राकृतिक घटना है कि जैसे-जैसे उत्सर्जन नियम सख्त होते जाएंगे, अधिग्रहण की लागत बढ़ती रहेगी और यह प्रक्रिया (डीजल वाहन प्रतिशत में गिरावट) आगे चलकर यह और तेज होगी।"