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Shoonya Campaign: नीति आयोग ने लॉन्च किया 'शून्य' अभियान, देशवासियों से की ये खास अपील, देखें वीडियो
Wed, 26 Jan 2022 11:58 AM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 26 Jan 2022 11:58 AM IST
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Shoonya is an initiative of NITI Aayog to promote Zero Pollution Mobility in India
- फोटो : NITI Aayog
भारत स्थायी और लचीले भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, इसी क्रम में ई-कॉमर्स, राइड-हेलिंग, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम के 70 से ज्यादा कॉरपोरेट भागीदारों ने देश में शून्य-प्रदूषण गतिशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए NITI Aayog (नीति आयोग), रॉकी माउंटेन इंस्टीट्यूट (आरएमआई) (RMI) और आरएमआई इंडिया की पहल Shoonya (शून्य) के लिए हाथ मिलाया है। इस अभियान का उद्देश्य कॉर्पोरेट ब्रांडिंग कार्यक्रम और ईवी जागरूकता अभियान के जरिए डिलिवरी और सवारी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
जागरूकता अभियान के तहत 'शून्य' के भागीदारों ने ईवी से वायु की गुणवत्ता, पर्यावरण और लागत के फायदे को बताने के लिए एक विज्ञापन अभियान शुरू किया है। यह ब्रांड फिल्म सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। एडेलमैन इंडिया और आरएमआई द्वारा परिकल्पित, नई विज्ञापन फिल्म गणित की दुनिया में आर्यभट्ट के उपहार और 'शून्य' पहल के बीच समानता दिखाने के लिए शून्य (जीरो) संख्या का उपमान का इस्तेमाल करती है, जिसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाना है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ग्राहक जागरूकता अभियान के अलावा, 'शून्य' अभियान में कॉर्पोरेट ब्रांडिंग कार्यक्रम भी शामिल है, जिसके माध्यम से डिलिवरी और सवारी संबंधित वाहनों और बुनियादी ढांचे को शून्य लोगो के साथ ब्रांड नाम दिया जाता है। ब्रांडिंग कार्यक्रम में 72 कॉर्पोरेट भागीदार हैं जिनमें प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियां, राइड-हेलिंग कंपनियां, वाहन विनिर्माता, फ्लीट एग्रीगेटर और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाता शामिल हैं। शून्य वेबसाइट पर जल्द ही रिसोर्स टूलकिट उपलब्ध होगी, जो संभावित ईवी ग्राहकों को उनके ईवी के प्रभाव के बारे में मार्गदर्शन करेगी और लागत तुलना कैलकुलेटर, भारत के नीतियों और वित्तपोषण के विकल्पों की सूची सहित इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए जरूरी जानकारी देगी।
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EV Charging Stations
- फोटो : iStock
इस अभियान के पीछे के विचार को साझा करते हुए नीति आयोग के निदेशक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रणधीर सिंह ने कहा, ''शून्य विज्ञापन अभियान की रिलीज की घोषणा करते हुए हम बहुत रोमांचित हैं। इस पहल के जरिए हमारा लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों के पर्यावरण, स्वास्थ्य और आर्थिक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। हमें विश्वास है कि इस अभियान के साथ कॉरपोरेट्स के साथ-साथ ग्राहक भी प्रदूषण की चुनौती को समझेंगे और शहरी इलाकों में मालढुलाई और पैसेंजर मोबिलिटी (यात्री गतिशीलता) से उत्सर्जन को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।''
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
विज्ञापन अभियान लॉन्च करने के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरएमआई के प्रबंध निदेशक क्ले स्ट्रेंजर ने कहा, ''स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने से भारत में अनेक फायदे होंगे। हमें शून्य अभियान पर नीति आयोग के साथ काम करने की खुशी है जो हममें से प्रत्येक को शहरी गतिशीलता समाधानों से प्रदूषण को खत्म करने के लिए अपना योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। अगर भारत में सभी सवारी और डिलिवरी सर्विस शून्य प्रदूषण वाले शून्य वाहनों से मुहैया कराई जाती है, तो 2035 तक बेचे गए वाहनों के जीवनकाल के दौरान 1.2 गीगा टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन, 230 किलो टन पार्टिकुलेट मैटर घटाने और ईंधन खर्च में 60 लाख करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी।''