दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगामी 24-25 फरवरी को भारत दौरे पर हैं। उनके दौरे पर पूरी दुनिया की निगाहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति का काफिला देखने वाला होता है। दौरे से पहले ही उनकी गाड़ियों की फ्लीट आगरा पहुंच चुकी है। जिसमें उनकी विशेष कार ‘द बीस्ट’ भी शामिल है। आइए जानते हैं उनकी यह कार क्यों है बेहद खास...
10 करोड़ की कार ‘द बीस्ट’ में चलते हैं राष्ट्रपति ट्रंप, मजबूती में टैंक को भी देती है टक्कर
2018 में हुई थी शामिल
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक दौरों के लिए विशेष तौर पर डिजाइन की गई कार ‘द बीस्ट’ का मेक कैडिलैक है। यह कार ऑर्म्ड लिमोसीन है, जो 24 सितंबर, 2018 को काफिले में शामिल की गई थी। इस कार ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ऑफिशियल लिमोसिन कैडिलैक वन की जगह ली थी। माना जाता है कि द बीस्ट डीजल इंजन पर चलती है, क्योंकि इसमें बड़े साइज के रेक्टांगुलर फ्यूल फिलर डोर लगे होते हैं। हालांकि 2013 में इजरायल की ट्रिप के दौरान ड्राइवर ने इसमें गलत तेल डलवा दिया था जिसके चलते इसका इंजन सीज हो गया था। जिसके बाद सीक्रेट सर्विस को ओबामा को तेल अवीव पहुंचाने के लिए दूसरी कार का इस्तेमाल करना पड़ा था। वहीं 2011 में आयरलैंड की ट्रिप के दौरान बीस्ट डबलिन में अमेरिकन एंबेसी के बाहर स्पीड बंपर पर अटक गई थी।
8000 सीसी का इंजन
ट्रंप का इस गाड़ी की कीमत 10 करोड़ रुपये है और इस कार की निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स है। खास बात यह है कि इस कार में 8,000 सीसी का इंजन लगा है, जो 800 बीएचपी की पावर देता है। वहीं सेफ्टी के मामले में यह कार किसी टैंक से कम नहीं है। इस कार के दरवाजे आठ इंच मोटे हैं और बोइंग 747 के केबिन दरवाजे जितने भारी हैं। कार के दरवाजे बंद होते यह 100 फीसदी तक सील हो जाती है। इस कार की बॉडी को बनाने में स्टील, टाइटेनियम, एल्यूमिनियम और सिरेमिक का इस्तेमाल होता है, जो इसे बेहद मजबूत बनाता है। यहां तक कि यह कार आग की लपटों के बीच से भी निकल सकती है।
सी17 ग्लोबमास्टर का इस्तेमाल
राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश के दौरान इस कार का नाम द बीस्ट रखा गया था। द बीस्ट कार को ट्रक के चेसिस पर बनाया जाता है। कार के निचले हिस्से को सुरक्षित रखने के लिए चेसिस के नीचे पांच इंच स्टील प्लेट दी गई है, ताकि लैंडमाइन या बम ब्लास्ट को सह सके। इस कार के वजन से अंदाजा लगया जा सकता है कि इसे लाने-जाने के लिए ताकतवर मालवाहन विमान सी17 ग्लोबमास्टर का इस्तेमाल किया जाता है।
कैडिलैक की 12 कॉपियां
वहीं कार की खिड़कियों में लगे ग्लास पॉली कार्बोनेट की पांच लेयर्स से बने हैं, जो इसे बुलेटप्रूफ बनाते हैं। केवल ड्राइवर साइड की विंडो के ग्लास को ही तीन इंच तक नीचे किया जा सकता है। वहीं कार के ड्राइवर का संपर्क सीधे ट्रेकिंग सेंटर से होता है। ड्राइवर के लिए अलग से केबिन होता है, ताकि वह राष्ट्रपति की गतिविधियों को न देख सके। इस कार को चलाने का जिम्मा केवल सीक्रेट सर्विस के प्रशिक्षित कंमाडों ड्राइवर के पास होता है, जो कार को जरूरत पड़ने पर तेज रफ्तार कार को 180 डिग्री तक मोड़ सकता है। माना जाता है कि व्हाइट हाउस के पास कैडिलैक की 12 कॉपी हैं। इस कार में पीछे की तरफ प्रेसिडेंट कंपार्टमेंट दिया गया है, जिसका पार्टिशन ग्लास से बना है और केवल प्रेसिडेंट ही इसे हटा सकते हैं। उनकी सीट के पास एक सेटेलाइट फोन लगा होता है, जो पेंटागन और उपराष्ट्रपति से कनेक्ट होता है।