कर्नाटक सरकार ने एलान किया है कि कार या एसयूवी में बैठने वाले सभी लोगों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि 8 लोगों तक के यात्री वाहन में सवार सभी लोगों को सीटबेल्ट पहनना होगा।
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Seat Belt
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यह नियम 19 सितंबर 2022 से सभी यात्रियों को सीटबेल्ट पहनने के लिए अनिवार्य करने वाले केंद्र सरकार के आदेश का पालन करता है। कर्नाटक में नियम के मुताबिक, पहली बार अपराध करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना है, जबकि दूसरी बार अपराध करने पर 2,000 रुपये और उससे अधिक का जुर्माना लगेगा। अब तक कर्नाटक में सिर्फ आगे की सीटों पर बैठे यात्रियों को सीटबेल्ट पहनना अनिवार्य था।
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सायरस मिस्त्री इसी कार में सवार थे।
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मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर एक कार दुर्घटना में साइरस मिस्त्री और जहांगीर पंडोले की जान जाने के बाद सरकार ने इस नियम को लागू करने पर सख्ती बरती है। दोनों यात्री बिना सीटबेल्ट पहने पिछली सीट पर बैठे थे। इस दुर्घटना में मर्सिडीज-बेंज जीएलसी की आगे की सीट पर बैठे चालक और यात्री की जान बच गई, क्योंकि उन्होंने सीट बेल्ट पहन रखी थी।
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जहां तक कर्नाटक में नियम का सवाल है, सरकार और पुलिस अधिकारी अभी भी असमंजस में हैं कि एसयूवी में साइड-फेसिंग सीटों पर बैठे यात्रियों के लिए क्या नियम हैं। महिंद्रा और फोर्स जैसे कार निर्माता ऐसे वाहन बनाते हैं जिनमें सीटबेल्ट प्रावधान के बिना साइड-फेसिंग सीटें होती हैं।
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क्या पीछे की सीट वाले यात्रियों को सीटबेल्ट पहनना जरूरी है?
इस सवाल का जवाब है हाँ। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई यात्री किस पंक्ति में बैठा है। वे उसी कार में सवार हैं जिसमें लोग आगे की सीट पर बैठे हैं और उसी रफ्तार से यात्रा कर रहे हैं। अक्सर, पीछे के यात्रियों को ज्यादा चोट लगने का खतरा होता है क्योंकि वे शायद ही कभी आगे की सड़क की स्थिति पर ध्यान देते हैं और उनके पास खुद को संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है।