देश के हाइवे और एक्सप्रेसवे में गाड़ी चलाने के लिए सरकार लोगों से टोल टैक्स वसूलती है। टोल टैक्स से सरकार को राजस्व प्राप्त होता है जो सरकारी खजाने को भरता है, साथ ही इस राशि का खर्च देश में मौजूद रोड नेटवर्क को दुरुस्त रखने में भी होता है। भारत के लगभग सभी राज्यों में मौजूद हाइवे और एक्सप्रेवे पर टोल बूथ बनाए गए हैं।
एक समय था जब टोल टैक्स चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी कतार लगा करती थी। लोगों को मैनुएल तरीके से कैश में या कार्ड से टोल का भुगता करना होता था। लेकिन अब टोल भुगतान करने का पूरा सिस्टम बदल चुका है।
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UP toll plaza rates
- फोटो : अमर उजाला
अब भारत में टोल टैक्स चुकाने के लिए नई ऑनलाइन प्रणाली काम कर रही है। भारत में टोल कलेक्शन के लिए गाड़ियों में फास्टैग लगाया जाता है। टोल प्लाजा से गुजरने पर फास्टैग वॉलेट से अपने आप पैसे कट जाते हैं। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ खत्म हो गई है। इस सिस्टम से समय की काफी बचत होती है, तो साथ ही टोल चुकाना भी आसान हो गया है।
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टोल प्लाजा पर लगी वाहनों की कतार
- फोटो : Amar Ujala
बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने के झंझट से बचने के लिए कई यूजर्स इसमें एक बार में ही सालभर चलने वाला रिचार्ज करवा लेते हैं। ऐसे में यदि आपको गाड़ी बेचने की नौबत आ गई तो क्या होगा? क्या फास्टैग में जमा पैसा रिफंड हो जाएगा या पैसे जब्त हो जाएंगे? आइए जानते हैं।
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Faridpur toll plaza
- फोटो : अमर उजाला
अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो यहां हम इसकी पूरी जानकारी देंगे। दरअसल, कार बेचने या स्क्रैप करवाने की स्थिती में आपको फास्टैग अकाउंट को बंद करवाना पड़ेगा। आपकी कार खरीदने वाले व्यक्ति को अपने नाम से नया फास्टैग जारी करवाना होगा।