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Hydrogen: पेट्रोल के दाम बढ़ने से वैकल्पिक ईंधन की बढ़ी चर्चा, जानें ईवी के सामने हाइड्रोजन कितना बड़ा विकल्प

Fri, 15 May 2026 08:03 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Fri, 15 May 2026 08:03 PM IST
सार

जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, हाइड्रोजन एक संभावित विकल्प के रूप में उभर रहा है। यहां बताया गया है कि क्या यह वास्तव में भारत के मोबिलिटी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है।

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Global Crude Crisis And Fuel Price Hike: Can Hydrogen Fuel Replace Petrol, Diesel, and EVs
Hydrogen Bus in Delhi - फोटो : Amar Ujala

वैश्विक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का बाजार एक बार फिर भारी दबाव में है, और दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक होने के नाते भारत पर भी इसका सीधा असर दिख रहा है। इसी कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 2 रुपये, डीजल में 1 रुपया और सीएनजी (CNG) में 2 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। तेल की अस्थिर कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण भविष्य में भी यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है। ऐसे में जहां दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री तेजी से बढ़ी है, वहीं कच्चे तेल के एक और दीर्घकालिक विकल्प के रूप में 'हाइड्रोजन' पर उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित हो रहा है।



इस बीच, दिल्ली में भी हाइड्रोजन ईंधन का इस्तेमाल शुरू हो गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने शुक्रवार, 15 मई से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक एकीकृत हाइड्रोजन चालित शटल बस सेवा शुरू की। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से की गई है।

Global Crude Crisis And Fuel Price Hike: Can Hydrogen Fuel Replace Petrol, Diesel, and EVs
EU Commissioners travel to Hyderabad House onboard bus powered by hydrogen fuel cell technology - फोटो : External Publicity and Public Diplomacy (XPD) Division, MEA

हाइड्रोजन ईंधन क्या है और यह कैसे काम करता है?

हाइड्रोजन कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि इसकी प्रासंगिकता इसके उत्पादन और उपयोग के तरीके पर निर्भर करती है:

  • कार्यप्रणाली: ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इसका उपयोग आमतौर पर फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों (FCEV) में किया जाता है। यहां हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा होती है। और उप-उत्पाद (बाय प्रॉडक्ट) के रूप में केवल पानी की भाप बाहर निकलती है।

  • ग्रीन हाइड्रोजन: इसका उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) का उपयोग करके किया जाता है, जिसे सबसे स्वच्छ विकल्प माना जाता है।

  • ग्रे या ब्लू हाइड्रोजन: यह जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) से तैयार होता है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट बहुत अधिक होता है। पर्यावरण के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन का किफायती और बड़े पैमाने पर उपलब्ध होना जरूरी है।

Global Crude Crisis And Fuel Price Hike: Can Hydrogen Fuel Replace Petrol, Diesel, and EVs
Hydrogen Bus in Delhi - फोटो : Amar Ujala

हाइड्रोजन का उपयोग किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा फायदेमंद है?

बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) के उलट, हाइड्रोजन हर तरह के वाहनों के लिए आदर्श नहीं है। इसका असली फायदा भारी और लंबी दूरी के परिवहन में है:

  • भारी वजन उठाने वाले ट्रक 

  • अंतर्राज्यीय बसें 

  • अत्यधिक उपयोग में आने वाले कमर्शियल वाहनों के बेड़े

  • औद्योगिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स हब

  • फायदा: उन क्षेत्रों में जहां बैटरी का भारी वजन, चार्जिंग का लंबा समय या रेंज की सीमाएं आड़े आती हैं। वहां हाइड्रोजन का तुरंत ईंधन भरना और लंबी ड्राइविंग रेंज बैटरी पैक के मुकाबले अधिक व्यावहारिक फायदा देती है।

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Global Crude Crisis And Fuel Price Hike: Can Hydrogen Fuel Replace Petrol, Diesel, and EVs
Nitin Gadkari visits Parliament in hydrogen-powered car - फोटो : PIB

हाइड्रोजन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भारत क्या कदम उठा रहा है?

भारत सरकार ने देश में हाइड्रोजन को अपनाने के लिए पहले से ही मजबूत नींव रख दी है:

  • नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन: साल 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय (आउटले) के साथ इस मिशन की शुरुआत की गई थी। जिसका लक्ष्य 2030 तक सालाना 5 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन हासिल करना है।

  • पोर्ट-आधारित हब: हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात के लिए तूतीकोरिन, पारादीप और कांडला में विशेष हब बनाए गए हैं।

  • उत्पादन इकाइयां: जेएसडब्ल्यू (JSW) ने साल 2025 के आखिर में एक 3,600 MTPA क्षमता वाली इकाई चालू की है।

  • गैस ग्रिड में मिश्रण: गेल (GAIL) और एनटीपीसी (NTPC) ने सिटी गैस ग्रिड में हाइड्रोजन को मिलाने (ब्लेंडिंग) की शुरुआत कर दी है।

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Global Crude Crisis And Fuel Price Hike: Can Hydrogen Fuel Replace Petrol, Diesel, and EVs
Hydrogen Bus in Delhi - फोटो : Amar Ujala

हाइड्रोजन ईंधन के सामने वर्तमान में क्या बड़ी चुनौतियां हैं?

इस तकनीक में अपार संभावनाएं होने के बावजूद, इसे मुख्यधारा में लाने से पहले कई बाधाओं को पार करना होगा:

  • विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की बहुत अधिक लागत।

  • हाइड्रोजन का घनत्व (डेंसिटी) कम होने के कारण इसके भंडारण (स्टोरेज) और परिवहन की समस्या।

  • देश में रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (ईंधन स्टेशनों) की भारी कमी।

  • पूरी मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) में ऊर्जा का नुकसान होना, जिससे यह सीधे तौर पर चार्ज होने वाली बिजली की तुलना में कम कुशल साबित होता है। इन कारणों से यात्री कारों के लिए नजदीकी भविष्य में ईवी के मुकाबले हाइड्रोजन काफी कम व्यावहारिक है।

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