कार की सर्विसिंग कैसे करानी चाहिए, कई कार मालिकों के मन में इससे जुड़े कई सवाल होते हैं। खासकर उन लोगों के जिन्होंने पहली बार वाहन खरीदा है। सभी कार निर्माता आमतौर पर तीन फ्री सर्विसिंग देते हैं। कार की पहली सामान्य सर्विसिंग में आमतौर पर सीमित काम ही कवर किए जाते हैं। और एक विशिष्ट माइलेज हासिल करने के तुरंत बाद होती है। सीमित कार्यों को ध्यान में रखते हुए, इसे पूरा होने में आमतौर पर कम समय लगता है।
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पहली कार सर्विस में, सर्विस सेंटर आम तौर पर सभी फ्लूइड लेवल और फिल्टर की जांच करते हैं। हालांकि इस सर्विस के सीमित कार्यों को देखते हुए, यह कई कार मालिकों के लिए इतना महत्वपूर्ण नहीं लग सकता है। लेकिन यह निर्धारित सर्विस में से सबसे महत्वपूर्ण है। इस पहली सर्विस के बाद ही, आपको थ्रॉटल और ड्राइविंग को लेकर कुछ आजादी मिलती हैं, जिसमें कम प्रतिबंध होते हैं। साथ ही, इस सर्विस के बाद इंजन का परफॉर्मेंस बेहतर हो जाता है।
अगर आप पहली बार कार खरीद रहे हैं और आपके गैराज में एक नई गाड़ी है, जिसकी पहली सर्विसिंग जल्द ही होने वाली है, तो यहां हम आपको कुछ महत्वपूर्ण टिप्स बता रहे हैं। ताकि आप अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर सकें और आपकी पहली कार सर्विसिंग संतोषजनक ढंग से हो सके।
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अंडरबॉडी चेकिंग
चाहे कार नई हो या पुरानी, वाहन के अंडरबॉडी कंपोनेंट्स और पैनल पर सड़क पर चलने के दौरान बजरी और छोटे पत्थरों से समान रूप से प्रभाव पड़ता है। जहां आप आमतौर पर कार चलाते हैं, अगर वहां सड़क की स्थिति अच्छी नहीं है, तो प्रभाव ज्यादा तीव्र हो जाता है। इसलिए, यह हमेशा सलाह दी जाती है कि कार के अंडरबॉडी की जांच करें, ताकि पता चल सके कि कोई कंपोनेंट या पैनल टूटा हुआ या ढीला तो नहीं है। ऐसे मामले में, यह मैकेनिक को नुकसान को समझने, उसका आकलन करने और उसे ठीक करने में मदद करेगा।
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फ्लूइड की चेकिंग
हर कार को कुछ जरूरी फ्लूइड की जरूरत होती है। जिसमें इंजन ऑयल, ट्रांसमिशन ऑयल, कूलेंट, वाइपर फ्लूइड जैसी चीजें शामिल हैं। कार के चलने के दौरान इंजन ऑयल, कूलेंट और वाइपर फ्लूइड का बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। फिर भी, सुरक्षित रहने के लिए इन सभी जरूरी फ्लूड के लेवल की जांच की जानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वाहन सही से काम कर रहा है और साथ-साथ उसमें बैठे लोगों की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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फिल्टर की जांच
भारतीय सड़कों की स्थिति में, धूल भरा और प्रदूषित वातावरण एक बड़ी समस्या है। इसका असर वाहनों के फिल्टर पर भी पड़ता है। अगर आप ऐसे इलाकों में गाड़ी चला रहे हैं जहां वातावरण बहुत ज्यादा धूल भरा है, तो इस बात की बहुत ज्यादा संभावना है कि कार का एसी फिल्टर या केबिन एयर फिल्टर, साथ ही वाहन का ईंधन फिल्टर सामान्य गति से ज्यादा तेजी से गंदा हो जाएगा। पहली कार सर्विसिंग के दौरान, सुनिश्चित करें कि तकनीशियन फिल्टर की जांच करे और जरूरत पड़ने पर उन्हें साफ करे।